इंदिरा गांधी नेशनल कॉलेज में धूमधाम से मनाया गया हिंदी दिवस, मुख्य अतिथि रहे डॉ. राधे श्याम शर्मा

इन्दिरा गांधी नेशनल कॉलेज में हिन्दी दिवस पर भव्य हिन्दी दिवस समारोह आयोजित किया गया। लाडवा के इंदिरा गांधी नेशनल कॉलेज में हिंदी विभाग द्वारा यह शानदार कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति जागरूकता, अभिरुचि एवं सम्मान की भावना विकसित करना था।
मुख्य अतिथि डॉ. राधे श्याम शर्मा के विचार
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के पूर्व कुलपति डा. राधे श्याम शर्मा ने शिरकत की। मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति डा. राधे श्याम शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं है। यह भारतीय संस्कृति, संवेदना और विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने वाली सशक्त भाषा है। उन्होंने बताया कि हिन्दी आज भारत की राष्ट्रीय सीमाओं को पार करके विदेशों में भी प्रयोग की जाने लगी है। अनेकों देशों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों में हिन्दी को बड़े ही उत्साह और रूचि से पढ़ा और पढ़ाया जाने लगा है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि हिन्दी भाषा के विकास में हिन्दी फिल्मों और गीतों का योगदान सबसे अधिक माना गया है।
प्राचार्य प्रो. कुशल पाल का संदेश
वहीं कॉलेज के प्राचार्य प्रो. कुशल पाल ने बताया कि 14 सितंबर 1949 को भारतीय संविधान में हिन्दी भाषा को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया था। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह देते हुए कहा कि हमें अनेकों भाषाओं का ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। परंतु हमें अपनी मातृभाषा हिंदी को सबसे अधिक सम्मान देना चाहिए, तभी हम हिन्दी के विकास में अपना योगदान दे सकेंगे।
हिन्दी साहित्यिक पुस्तकों की प्रदर्शनी
हिंदी दिवस समारोह के अवसर पर कॉलेज पुस्तकालय द्वारा हिन्दी साहित्यिक पुस्तकों की एक विशेष प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का संचालन एवं पर्यवेक्षण डॉ. रूपेश गौड़ के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रदर्शनी में हिंदी साहित्य की विविध विधाओं से संबंधित पुस्तकों के साथ-साथ प्रमुख हिंदी साहित्यकारों की रचनाएँ, संदर्भ पुस्तकें एवं ज्ञानवर्धक साहित्य प्रदर्शित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने प्रदर्शनी में विशेष रुचि दिखाई और विभिन्न पुस्तकों का अवलोकन किया।