हिसार में रिश्वत मामला: पूर्व जिला ड्रग कंट्रोलर सुरेश चौधरी के खिलाफ शिकायतकर्ता की गवाही अदालत में पूरी

हिसार में रिश्वत मामला: पूर्व जिला ड्रग कंट्रोलर सुरेश चौधरी के खिलाफ शिकायतकर्ता की गवाही अदालत में पूरी

हिसार में दवाई की थोक दुकान का लाइसेंस देने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में तत्कालीन जिला ड्रग कंट्रोलर सुरेश चौधरी के खिलाफ विजिलेंस मामले की सुनवाई चल रही है। इस मामले में मुख्य शिकायतकर्ता रामविलास की अदालत में गवाही पूरी हो गई है। यह घटना वर्ष 2021 की है, जब विजिलेंस विभाग ने कार्रवाई करते हुए चपरासी और ड्राइवर को गिरफ्तार किया था।

लाइसेंस जारी करने के बदले में मांगी थी रिश्वत

रामायण गांव के रहने वाले शिकायतकर्ता रामविलास ने अदालत को पूरी बात बताई है। उन्होंने बताया कि 6 अगस्त 2021 को तत्कालीन जिला ड्रग कंट्रोलर सुरेश चौधरी ने होलसेल दवा दुकान का लाइसेंस जारी करने के बदले उनसे रिश्वत की मांग की थी। इस अवैध मांग से परेशान होकर उन्होंने इसकी शिकायत स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को दी थी। आपको बता दें कि इस ब्यूरो को अब एंटी करप्शन ब्यूरो के नाम से जाना जाता है.

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विजिलेंस टीम की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी

शिकायत मिलने के तुरंत बाद विजिलेंस टीम ने एक योजना बनाई और उचित कार्रवाई की। विजिलेंस टीम ने आधार अस्पताल के बाहर डीसीओ कार्यालय के चपरासी और ड्राइवर को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। रामविलास के अनुसार, जब यह कार्रवाई चल रही थी, तब आरोपी अधिकारी सुरेश चौधरी आधार अस्पताल के अंदर छिपे हुए थे।

अदालत में पेश हुए वकील और जज

यह मामला हिसार की अदालत में चल रहा है, जहां इसकी नियमित सुनवाई हो रही है। अदालत में शिकायतकर्ता की तरफ से अधिवक्ता महेंद्र नैन, लाल बहादुर खोवाल और सुधीर भाटिया पेश हुए। वहीं दूसरी ओर, बचाव पक्ष की तरफ से जेएस मल्ही और पम्मी अदालत में पेश हुए। यह पूरी गवाही और कानूनी प्रक्रिया जज मंगलेश चौबे की अदालत में दर्ज की गई है।

शिकायतकर्ता को न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा

गवाही पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता रामविलास ने अपनी बात मीडिया के सामने रखी। रामविलास ने कहा कि उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले में आरोपी अधिकारी को कानून के अनुसार सख्त से सख्त सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इससे उन सभी दवा विक्रेताओं को बड़ी राहत और न्याय की उम्मीद मिलेगी, जिन्होंने पहले इस अधिकारी पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

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