हिसार को राजधानी व हाईकोर्ट बनाने की मांग के साथ विधानसभा में विधायकों ने उठाए कई स्थानीय मुद्दे

हिसार को राजधानी व हाईकोर्ट बनाने की मांग के साथ विधानसभा में विधायकों ने उठाए कई स्थानीय मुद्दे

हरियाणा विधानसभा में मंगलवार को शून्यकाल के दौरान विभिन्न विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। इस दौरान विधायकों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने और कई मामलों में नीतिगत बदलाव करने की पुरजोर मांग की। कार्यवाही के दौरान तीखे राजनीतिक तंज भी सुनने को मिले और स्थानीय समस्याओं के ठोस समाधान के लिए कई सुझाव भी सामने आए।

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और शिक्षा क्षेत्र की समस्याएं

कांग्रेस विधायक रामकरण काला ने सदन में बोलते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पूरा शहर बहुत परेशान है। उन्होंने मांग की कि सरकार को तुरंत कर्मचारियों की बात सुननी चाहिए और उन्हें पक्का करना चाहिए। शकुंतला खटक ने भी सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग उठाई। उन्होंने जानकारी दी कि उनके क्षेत्र में अस्सी प्रतिशत स्कूलों के शौचालय खराब हालत में हैं। इसके साथ ही उन्होंने मायना और निगाना समेत कई स्कूलों की इमारतें जर्जर होने का गंभीर मुद्दा उठाया। पूजा चौधरी ने कहा कि पूरे प्रदेशभर में सफाई कर्मचारियों का भारी शोषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक भी कर्मचारी को पक्का नहीं किया गया है और उनका मानदेय भी नहीं बढ़ाया गया है। इसके अलावा उन्होंने बिजली कर्मचारियों और ग्रामीण चौकीदारों के चल रहे आंदोलनों का भी विशेष रूप से जिक्र किया। गरीबों को सौ-सौ गज के प्लॉट देने के वादे का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सवाल किया कि जब गरीबों को प्लॉट ही नहीं मिलेंगे तो उनके सिर पर छत कैसे आएगी। शकुंतला खटक ने सरकार पर तंज कसते हुए समस्याओं की एक लंबी सूची सदन के सामने रखी और कहा कि मुख्यमंत्री के पास पावर का टोटा है।

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कर्मचारियों के अधिकार और प्रशासनिक मांगें

कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने कर्मचारियों से जुड़े कई अलग-अलग मुद्दे एक साथ सदन के पटल पर रखे। उन्होंने बिजली निगम के कर्मचारियों के लिए रिस्क अलाउंस देने की मांग की। उन्होंने नौ हजार पांच सौ करोड़ रुपये की सात परियोजनाओं में समाप्त किए गए सभी पदों को तुरंत बहाल करने की मांग उठाई। इसके साथ ही उन्होंने गेस्ट टीचरों को नियमित करने और नर्सिंग कैडर की महिला कर्मचारियों को दूरदराज के क्षेत्रों में स्थानांतरित न करने की मांग की। उन्होंने एचकेआरएन कर्मचारियों को समान वेतन देने और पुरानी पेंशन योजना यानी ओपीएस को लागू करने की जोरदार मांग रखी। उन्होंने पुलिस जवानों को पंजाब राज्य के बराबर वेतन देने की मांग की। इसके अलावा दमकल विभाग में एक हजार नौ सौ पद खाली पड़े होने और एक सौ छियासी गाड़ियों की भारी कमी को दूर करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

जलभराव, किसानों की समस्याएं और जलापूर्ति के मुद्दे

मामन खान ने अपने विधानसभा क्षेत्र के बीस गांवों में गंभीर जलभराव का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी किसान अपनी फसल की बिजाई नहीं कर पाए थे और इस बार भी खेतों से पानी नहीं निकल पाया है। उन्होंने प्रभावित किसानों की विशेष गिरदावरी कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की। बूचड़खानों से निकलने वाली गंदगी और बदबू का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि गंदा पानी खुले जंगल में भरा जा रहा है और जानवरों के अवशेष पंचायत की जमीन में दबाए जा रहे हैं। सुनील सांगवान ने बौंद और दादरी डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी के बंटवारे की बड़ी समस्या के बारे में बताया। उनके अनुसार नियम के तहत आठ दिन पानी मिलना चाहिए, लेकिन कई माइनर होने के कारण कुछ जगहों पर किसानों को केवल एक या दो दिन ही पानी मिल पाता है। उन्होंने इस पूरी व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त करने की मांग की। कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने उकलाना के चार गांवों को उनकी अपनी इच्छा के अनुसार हिसार और हांसी में शामिल करने की मांग रखी। उन्होंने एसवाईएल के मुद्दे पर हरियाणा के हिस्से का पूरा पानी लेने के लिए पंजाब सरकार के साथ बातचीत करने की बात कही। साथ ही उन्होंने हरियाणा की नई राजधानी और हाईकोर्ट दोनों को हिसार शहर में ही बनाने की एक बड़ी मांग सदन में रखी।

शहरों की बदहाली, बस स्टैंड और आवारा पशुओं की समस्या

भाजपा विधायक मुकेश शर्मा ने गुरुग्राम के जर्जर बस स्टैंड की जगह चौदह से पंद्रह एकड़ जमीन पर एक आधुनिक बस स्टैंड बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम एक बड़ा कॉरपोरेट हब है, इसलिए इस बस स्टैंड के ऊपर मॉल जैसी आधुनिक सुविधा भी आसानी से विकसित की जा सकती है। उन्होंने शहर की करीब एक सौ कच्ची कॉलोनियों में सभी जरूरी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में जलभराव की स्थिति में अब सुधार आया है और पहले जहां छिहत्तर स्थानों पर यह समस्या थी, अब केवल पांच जगहों पर ही यह समस्या बची है। विनोद भयाना ने शहरों में लगातार घूम रहे बेसहारा पशुओं के कारण हो रहे सड़क हादसों का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि लोग खाली पड़े प्लॉटों में अपने पशुओं को छोड़ देते हैं और बाद में वे आवारा पशुओं का झुंड बन जाते हैं। उन्होंने गोसेवा आयोग के होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं लगातार जारी रहने पर सरकार से बेहद ठोस कार्रवाई करने की मांग की। राजेश जून ने बहादुरगढ़ के लाइनपार और छोटूराम नगर फाटकों पर आरयूबी बनाने की मांग की। उन्होंने आठ गांवों को नगर परिषद के दायरे से हटाकर नगर निगम बनाने, जल निकासी व्यवस्था में सुधार करने और नया गांव तथा बामडौली के जर्जर स्कूलों को नए सिरे से बनाने की पुरजोर मांग की।

बिजली, प्रदूषण और सड़कों से जुड़े सवाल

बिमला चौधरी ने फसल जलने वाले पीड़ित किसान को तुरंत मुआवजा देने की मांग उठाई। उन्होंने जाटौली की मुख्य सड़क पर लग रही सब्जी मंडी को किसी सुरक्षित जगह पर अंदर शिफ्ट करने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने बारिश के कारण पूरी तरह खराब हो चुकी सड़कों की तुरंत मरम्मत कराने और हेलीमंडी से जाटौली तक की नई सड़क बनाने की मांग की। देवेंद्र कादियान ने दस साल पुराने डीजल वाहनों को केवल उनकी उम्र के आधार पर सड़कों से हटाने की नीति पर बहुत बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी वाहन फिटनेस टेस्ट में पूरी तरह सही पाया जाता है, तो उसे हटाने का आधार उसकी उम्र नहीं बल्कि उसकी फिटनेस होनी चाहिए। शक्ति रानी शर्मा ने कालका से परवाणु तक जाने वाली सड़क को फोरलेन करने का कार्य जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने मोरनी और रायपुररानी ब्लॉक को मिलाकर नगर पालिका बनाने की भी बड़ी मांग उठाई।

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