हिसार कोर्ट गैंगवार: विनोद काणा को लगी थीं 12 गोलियां, आरोपी राकेश तीन दिन के पुलिस रिमांड पर

हिसार अदालत परिसर की पार्किंग में गुरुवार को दिनदहाड़े हुई गैंगवार में मारे गए विनोद पानू उर्फ काणा को कुल 12 गोलियां लगी थीं। मेडिकल बोर्ड द्वारा शुक्रवार को किए गए करीब पांच घंटे लंबे पोस्टमार्टम में यह बड़ा खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि इनमें से दो गोलियां सिर के आरपार हो गईं थीं, जबकि छह गोलियां छाती से बरामद की गईं हैं। पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सकों के बोर्ड ने शरीर से गोलियों के अलावा अन्य चोटों की भी बारीकी से जांच की है।
इस सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब इस रिमांड के दौरान वारदात की मुख्य वजह, इस्तेमाल किए गए हथियार, पूरी घटना के घटनाक्रम और इस हमले में शामिल अन्य लोगों के बारे में विस्तृत पूछताछ करेगी।
पुलिस अधीक्षक ने दी जानकारी
हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि विनोद काणा को गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार आरोपी राकेश को अदालत में पेश करके तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। एसपी सिद्धांत जैन के अनुसार आरोपी राकेश मूल रूप से दिल्ली में कैब चलाने का काम करता है और उसके खिलाफ पहले से ही सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है और वारदात से जुड़े अन्य सभी पहलुओं की गहरी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बड़ी घटना के बाद अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया गया है। इसके अलावा, अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए कोर्ट चौकी को दोबारा खोलने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।
अजीत पहलवान गैंग से जुड़ रहे हैं हत्या के तार
उधर, इस पूरे मामले में लगातार सामने आ रही नई जानकारी के अनुसार विनोद काणा की इस सनसनीखेज हत्या के तार अजीत पहलवान गैंग से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि मृतक विनोद काणा और अजीत पहलवान दोनों ही मूल रूप से गांव थुराना के रहने वाले थे और वर्ष 2008 से दोनों के बीच क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर खूनी संघर्ष चला आ रहा था। सूत्रों के अनुसार बताया जाता है कि अजीत पहलवान के द्वारा किए गए एक पुराने हमले में विनोद की एक आंख की रोशनी चली गई थी, जिसके बाद से ही लोग उसे ‘काणा’ के नाम से पुकारने लगे थे। इसी गंभीर घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच आपसी दुश्मनी और अधिक गहरी हो गई थी तथा दोनों पक्षों के बीच भयानक गैंगवार का लंबा सिलसिला शुरू हो गया था। इस लंबे और खूनी गैंगवार में अब तक कई लोगों की जान जाने की बात लगातार सामने आती रही है। हालांकि, इस पूरे संबंध में पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत पुष्टि नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा निकला फर्जी
जिला पुलिस ने सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे कुछ दावों को लेकर भी अपनी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट कर दी है। पुलिस के अनुसार, गुरुवार को अदालत परिसर की पार्किंग में हुई गोलीबारी की घटना के बाद कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर इस सनसनीखेज घटना की जिम्मेदारी लेने का बड़ा दावा कर रहे हैं। पुलिस ने इन सभी वायरल दावों को पूरी तरह से झूठा और निराधार बताया है। पुलिस ने साफ शब्दों में कहा है कि इस प्रकार के भ्रामक दावे सोशल मीडिया पर केवल अपराधियों और गैंग कल्चर को बढ़ावा देने के समान हैं। पुलिस ऐसे सभी दावों को बहुत गंभीरता से ले रही है और आम जनता से यह विशेष अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली किसी भी अपुष्ट सूचना पर बिल्कुल विश्वास न करें और न ही ऐसी भ्रामक सूचनाओं को आगे कहीं प्रसारित करें। फिलहाल पुलिस की पूरी जांच आरोपी राकेश के रिमांड और इस घटना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों पर ही पूरी तरह केंद्रित है। पुलिस का यह स्पष्ट कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले सभी ठोस तथ्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।