हिसार के डॉ. एलआर बिश्नोई सुप्रीम कोर्ट की उच्चस्तरीय कमेटी के सदस्य नियुक्त

हिसार के रहने वाले और मेघालय के सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक डॉ. एलआर बिश्नोई को सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय कमेटी का सदस्य बनाया गया है। यह उच्चस्तरीय कमेटी छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई के आरोपों की जांच करेगी। डॉ. एलआर बिश्नोई को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से हिसार का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया है और शहर में इसकी काफी चर्चा हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित पांच सदस्यीय कमेटी का गठन
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी की अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी करेंगे। कमेटी में अन्य सदस्यों के रूप में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति शालिंदर कौर, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पूर्व निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक डॉ. एलआर बिश्नोई शामिल हैं।
क कमेटी करेगी छात्र आंदोलन और हिंसा की जांच
यह उच्चस्तरीय कमेटी छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, पुलिस कार्रवाई तथा उससे जुड़े सभी प्रकार के आरोपों की जांच करेगी। यह कमेटी घटनाक्रम के विभिन्न पहलुओं की गहराई से पड़ताल करेगी। इसके बाद यह कमेटी अपनी जांच रिपोर्ट माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
डॉ. एलआर बिश्नोई का लंबा प्रशासनिक और पुलिस अनुभव
डॉ. एलआर बिश्नोई पुलिस प्रशासन में बहुत लंबे अनुभव वाले अधिकारी रहे हैं। मेघालय के पुलिस महानिदेशक के रूप में अपनी सेवाएं देने के अलावा उन्हें कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन से जुड़े मामलों का बहुत व्यापक अनुभव रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित इस महत्वपूर्ण कमेटी में उनका शामिल होना उनके प्रशासनिक एवं पुलिस अनुभव की एक महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है।
जांच से निष्पक्ष तस्वीर आने की उम्मीद
हिसार से संबंध रखने वाले डॉ. एलआर बिश्नोई के इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में शामिल होने से स्थानीय स्तर पर भी लोग इस पर चर्चा कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में गठित इस कमेटी द्वारा की जाने वाली जांच से छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं और पुलिस कार्रवाई से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष तस्वीर सामने आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।