हिसार में बड़ी कार्रवाई: नोटिस और सुनवाई से भागे गैबीपुर सरपंच पवन कुमार निलंबित, डीसी ने दिए निर्देश

बरवाला खंड की ग्राम पंचायत गैबीपुर के सरपंच पवन कुमार को किया निलंबित
हिसार /22 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
हिसार में प्रशासनिक अनुशासनहीनता और गंभीर आरोपों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त महेंदरपाल ने बरवाला खंड की ग्राम पंचायत गैबीपुर के सरपंच पवन कुमार को तत्काल प्रभाव से पद से निलंबित कर दिया है। डीसी ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को तुरंत नया कार्यवाहक चुनने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की जड़ें प्रशासनिक जांच और सरपंच की अनदेखी से जुड़ी हैं।
सरपंच पर लगे गंभीर आरोपों की हुई थी पुष्टि
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बरवाला की ओर से की गई प्रारंभिक जांच में सरपंच पवन कुमार पर लगे गंभीर आरोपों की पुष्टि हुई थी। इसके बाद विभाग की ओर से उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। रिकॉर्ड के मुताबिक 27 अक्टूबर 2025 और फिर 26 फरवरी 2026 को नोटिस तामील करवाए गए थे। इन नोटिसों में सरपंच से सात दिन के भीतर लिखित जवाब मांगा गया था। हालांकि निर्धारित समय बीतने के करीब साढ़े पांच महीने बाद भी सरपंच की तरफ से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया था।
व्यक्तिगत सुनवाई में भी हाजिर नहीं हुए सरपंच
प्रशासन ने कुदरती न्याय का पालन करते हुए सरपंच को एक और मौका दिया था। प्रशासन ने 16 अप्रैल 2026 को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए उपायुक्त कार्यालय बुलाया था। लेकिन सरपंच पवन कुमार इस व्यक्तिगत सुनवाई में भी हाजिर नहीं हुए थे। इस रवैये को देखते हुए प्रशासन ने माना कि सरपंच के पास अपने बचाव में कहने के लिए कुछ नहीं है। प्रशासन ने यह भी माना कि उन्होंने अपने ऊपर लगे गंभीर आरोपों को मौन स्वीकृति दे दी है।
नया कार्यवाहक चुनने और रिकॉर्ड सौंपने के निर्देश
निलंबन के साथ ही उपायुक्त ने पवन कुमार के भविष्य में पंचायत की किसी भी आधिकारिक कार्रवाई या बैठक में भाग लेने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही पवन कुमार को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्राम पंचायत का समस्त रिकॉर्ड, सरकारी धनराशि और चल-अचल संपत्ति तुरंत प्रभाव से पंचायत में बहुमत रखने वाले पंच को सौंप दें। खंडा विकास अधिकारी बरवाला को तत्काल आदेश दिए गए हैं कि वे पंचायत के बहुमत वाले पंच को कार्यवाहक सरपंच का प्रभार सौंपकर इसकी रिपोर्ट सीधे उपायुक्त कार्यालय को भेजें। इस कड़े फैसले की प्रतियां राज्य निर्वाचन आयोग हरियाणा, संबंधित विभागों, एसडीएम बरवाला और निलंबित सरपंच को आगामी कागजी कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।