हिसार के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में जुटेंगे देश-विदेश के विशेषज्ञ, एआई और डिजिटल बिजनेस पर होगा बड़ा मंथन

हिसार के गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में अगले वर्ष चार व पांच फरवरी को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक से तेजी से बदलते कारोबारी परिवेश पर मंथन के लिए इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। आईसीएआईडीबीटी-2027 का कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने पोस्टर विमोचन किया है। शोधपत्रों को अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन का मंच इस सम्मेलन के माध्यम से मिलेगा।
हाइब्रिड मोड में होगा आयोजन
यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग के सौजन्य से आयोजित किया जाएगा। ‘एआई, नवाचार एवं डिजिटल व्यावसायिक रूपांतरण पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (आईसीएआईडीबीटी-2027)’ का आयोजन हाइब्रिड मोड में होगा। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने शनिवार को सम्मेलन के पोस्टर का विमोचन किया है। यह सम्मेलन कई प्रमुख संस्थानों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
इन संस्थानों का मिल रहा है सहयोग
सम्मेलन का आयोजन इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई), हिसार शाखा और आईसीएआई-दुबई (यूएई) चैप्टर के अकादमिक एवं व्यावसायिक सहयोग से किया जा रहा है। कुलपति ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीकें वैश्विक व्यावसायिक व्यवस्था को तेजी से नया स्वरूप दे रही हैं। ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षाविदों को नवीन विचारों के आदान-प्रदान का अवसर देते हैं।
शोध प्रस्तुत करने का मिलेगा अवसर
यह सम्मेलन शोध प्रस्तुत करने तथा उद्योग एवं अकादमिक जगत के विशेषज्ञों से संवाद का अवसर प्रदान करता है। सम्मेलन में भारत और विदेशों से शिक्षाविदों, शोधार्थियों, उद्योग विशेषज्ञों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के शामिल होने की संभावना है। सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल व्यावसायिक रूपांतरण और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
विभिन्न समकालीन विषयों पर होंगे शोधपत्र प्रस्तुत
सम्मेलन में वैश्वीकरण, वित्त, फिनटेक, प्रबंधन, विपणन, उद्यमिता, नवाचार और सतत विकास जैसे समकालीन विषयों पर शोधपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। विशेषज्ञ इन विषयों के व्यावसायिक और सामाजिक प्रभावों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस के डीन प्रो. विनोद कुमार बिश्नोई ने सम्मेलन को एक महत्वपूर्ण पहल बताया है।
अकादमिक-उद्योग समन्वय को बढ़ावा
प्रो. विनोद कुमार बिश्नोई ने कहा कि यह उभरती तकनीकों और उनके व्यवसाय एवं समाज पर प्रभावों पर सार्थक चर्चा के लिए मंच प्रदान करेगा। यह मंच शोधार्थियों, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों को साझा मंच प्रदान करता है। उन्होंने डिजिटल व्यावसायिक परिवेश में अंतर्विषयक शोध और अकादमिक-उद्योग समन्वय को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।