हिसार में 15 दिन बाद हुआ डेयरी संचालक जीवन कुंडू का अंतिम संस्कार, 11 वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि

हिसार जिले के किनाला गांव निवासी डेयरी संचालक जीवन कुंडू का हत्या के 15 दिन बाद मंगलवार को गांव में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार किया गया। जीवन के 11 वर्षीय बेटे रिशु ने मुखाग्नि दी। सैकड़ों ग्रामीणों, खाप प्रतिनिधियों और किसान नेताओं ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा में गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए। कई खाप प्रतिनिधियों और किसान नेताओं ने जीवन को श्रद्धांजलि देते हुए परिवार को ढांढस बंधाया।
सुबह जीवन का शव अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से गांव स्थित उसके घर लाया गया। शव के घर पहुंचते ही माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। पति का शव देखते ही पत्नी रमन बेहोश हो गई, जिसे पड़ोस की महिलाओं ने संभाला। वहीं, अंतिम संस्कार के दौरान जीवन की बहन भाई को याद कर ‘भाई आजा, ओ भाई’ कहकर बिलखती रही। परिजनों के विलाप से वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।
मांगें माने जाने के बाद हुआ अंतिम संस्कार
जीवन कुंडू की चार अगस्त को हत्या के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जीवन कुंडू संघर्ष समिति का गठन किया गया था। समिति और परिवार की ओर से मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने समेत अन्य मांगें उठाई जा रही थीं। इन मांगों को लेकर किसानों, खाप प्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों ने लगातार आंदोलन किया।
सोमवार को सरकार की ओर से परिवार और संघर्ष समिति की प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ। इसके बाद 15 अगस्त को हांसी में हुए घटनाक्रम के मामले में गिरफ्तार 10 किसान नेताओं को गुरुग्राम की भोंडसी जेल से रिहा किया गया। मांगें माने जाने के बाद मंगलवार को जीवन का अंतिम संस्कार किया गया।
मुख्य आरोपी अब भी फरार और 50 हजार का इनाम
जीवन हत्याकांड में हिसार पुलिस अब तक भानु कुमार, गजेंद्र उर्फ गज्जू पंडित और साहिल समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, मामले का मुख्य आरोपी रमेश शर्मा अत्री अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
एसपी सिद्धांत जैन के अनुसार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 10 टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। आरोपी देश छोड़कर फरार न हो सके, इसके लिए उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया है। पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। परिवार के पुनर्वास के लिए रोजगार संबंधी आवेदन भी कराया गया है।