हिसार में खालसा इलेक्ट्रॉनिक्स संचालक आत्महत्या मामला: मुख्य आरोपी फाइनेंसर गिरफ्तार

हिसार से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ पुलिस ने एक सप्ताह पहले हुए खालसा इलेक्ट्रॉनिक्स के संचालक प्रवीण उर्फ हैप्पी चोपड़ा के सुसाइड मामले में मुख्य आरोपी फाइनेंसर सुरेश उर्फ कालिया गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस मामले में गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार खालसा इलेक्ट्रॉनिक्स के संचालक प्रवीण उर्फ हैप्पी चोपड़ा सुसाइड मामले में पुलिस ने आरोपी फाइनेंसर सुरेश उर्फ कालिया गुर्जर को गिरफ्तार किया गया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस उक्त आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि अन्य संलिप्त लोगों के बारे में भी पुख्ता जानकारी जुटाई जा सके।
घटना का विवरण और सीसीटीवी फुटेज
मामले के अनुसार गत तीन सितंबर को खालसा शोरूम संचालक ने अपने घर में लाइसेंसी रिवाल्वर से सिर में गोली मारकर सुसाइड कर लिया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि फाइनेंसर और उसके भतीजे लगातार उस पर पैसे लेने के लिए दबाव बना रहे थे। इसी कारण उसने बेहद परेशान होकर यह खौफनाक कदम उठाया और आत्महत्या कर ली।
मृतक हैप्पी के भाई चरणजीत ने शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सार्वजनिक की थी। फुटेज में आरोपी दुकान के अंदर आते और बैठते साफ नजर आ रहे हैं। मुख्य आरोपी सुरेश शोरूम के अंदर बेखौफ अंदाज में स्टूल पर पैर रखकर बैठता और फोन मिलाता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। पीड़ित परिवार का गंभीर आरोप है कि आरोपी दुकान पर लगातार आकर बदसलूकी, मारपीट और गाली-गलौज करते थे।
भाई की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
मृतक हैप्पी के छोटे भाई चरणजीत सिंह ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह रूप नगर 12 क्वार्टर रोड पर रहते हैं। उसके बड़े भाई प्रवीण उर्फ हैप्पी ने सुरेश कुमार म्हासी उर्फ कालिया गुर्जर से करीब 20 लाख रुपये उधार लिए थे। इस लिए गए कर्ज में से कुछ रुपये पहले ही वापस भी कर दिए गए थे।
भाई चरणजीत का कहना था कि उन्होंने फाइनेंसर से करीब 20 लाख रुपये लिए थे और वह एक साथ पूरी रकम वापस मांग रहा था। रकम का इंतजाम करने के बावजूद आरोपी लगातार उन पर भारी प्रेशर बना रहा था। आरोप है कि सुरेश कुमार, उसका भतीजा सोनू और गोलू पिछले करीब तीन-चार महीनों से लगातार दुकान पर आकर पैसे वापस लौटाने के लिए दबाव बना रहे थे।
तीन सितंबर को दोपहर करीब एक बजे सुरेश, सोनू और गोलू की प्रताड़ना, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियों से पूरी तरह तंग आ चुके प्रवीण यानी हैप्पी ने अपने ही घर पर लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को सिर में गोली मार ली। इस घटना के बाद से परिवार सदमे में है और आरोपियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।