हिसार में विश्व का सबसे बड़ा महामृत्युंजय यंत्र अभिषेक

करोड़ों बेलपत्रों और इत्र से हुआ विश्व के सबसे बड़े महामृत्युंजय यंत्र का अभिषेक, ड्रोन से की गई पुष्पवत वर्षा
नागपंचमी पर सुबह से रुद्र यज्ञ और वैदिक अनुष्ठान, देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे शिवभक्त
राजेश सलूजा// 17 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स /हरियाणा हिसार
नागपंचमी के पावन अवसर पर मय्यड़ स्थित ओम सिद्ध महामृत्युंजय अंतरराष्ट्रीय योग एवं ज्योतिष अनुसंधान केंद्र में विश्व के सबसे बड़े महामृत्युंजय यंत्र के लोकार्पण एवं विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शिवभक्त आयोजन स्थल पर पहुंचने शुरू हो गए। कार्यक्रम के दौरान ड्रोन के माध्यम से महामृत्युंजय यंत्र पर करोड़ों बेलपत्र और इत्र अर्पित किए गए। आसमान से होती बेलपत्रों और इत्र की इस अनूठी वर्षा ने पूरे आयोजन को भव्य और अलौकिक स्वरूप दे दिया।
स्वामी सहजानंद महाराज ने बताया कि श्रद्धालु रात से ही आयोजन स्थल पर पहुंचने लगे थे। सुबह रुद्र यज्ञ, अभिषेक और पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। महामृत्युंजय यंत्र पर सुबह करीब साढ़े सात बजे से बेलपत्र और इत्र अर्पित करने का क्रम शुरू हो गया। विशेष रूप से तैयार किए गए ड्रोन के माध्यम से यंत्र के ऊपर बेलपत्र और इत्र अर्पित किए गए, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
स्वामी सहजानंद महाराज के अनुसार मय्यड़ में स्थापित महामृत्युंजय मंत्र 52 फीट लंबा, 52 फीट चौड़ा और 52 फीट ऊंचा है तथा इसे करीब 72 फीट के प्लेटफार्म पर स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि महामृत्युंजय मंत्र को यंत्र के रूप में मेरु पृष्ठ आकार और पिरामिडनुमा स्वरूप देने के लिए लंबे समय तक साधु-संतों से विचार-विमर्श और अध्ययन किया गया।
उन्होंने बताया कि इससे पहले इस महामृत्युंजय यंत्र को प्रयागराज कुंभ में अस्थायी रूप से स्थापित किया गया था, जहां देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने इसके दर्शन किए थे। अब इसे स्थायी रूप से हिसार के मय्यड़ में स्थापित किया गया है।

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आध्यात्मिक साधनाओं की व्यवस्था **
स्वामी सहजानंद महाराज ने कहा कि इस केंद्र का उद्देश्य केवल यंत्र के दर्शन तक सीमित नहीं है। यहां महामृत्युंजय जाप, रुद्राभिषेक, ध्यान और विभिन्न आध्यात्मिक साधनाओं की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कालसर्प दोष एवं अन्य ग्रह संबंधी अनुष्ठान भी करवा सकेंगे। जो श्रद्धालु स्वयं यहां नहीं पहुंच सकते, उनके लिए ऑनलाइन माध्यम से भी पूजा-अनुष्ठान की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने महामृत्युंजय मंत्र को साधना और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ते हुए कहा कि मंत्र साधना व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत और एकाग्र बनाने में सहायक मानी जाती है। उन्होंने लोगों से अपनी दिनचर्या, खान-पान और पर्यावरण के प्रति भी सजग रहने का आह्वान किया।
बेलपत्रों की बड़ी संख्या को लेकर उठे सवालों पर स्वामी सहजानंद महाराज ने कहा कि बेलपत्र किसी एक स्थान से एकत्र नहीं किए गए, बल्कि हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों से मंगवाए गए। इन्हें कार्यक्रम से पहले कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखा गया था। उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से भविष्य में बड़ी संख्या में बेल के पौधे लगाने की भी योजना है।
स्वामी सहजानंद महाराज ने बताया कि सामान्य श्रद्धालु सोमवार को महामृत्युंजय यंत्र के दर्शन कर सकेंगे। पूजा-पाठ, ध्यान और साधना के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय लिया जा सकेगा। केंद्र में आगे विशेष साधना पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाने की योजना है। उन्होंने बताया कि महामृत्युंजय सिद्ध शक्तिपीठ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 9 पर हिसार कैंट के बाद और मैय्यड़ टोल प्लाजा से पहले स्थित है।
हरिद्वार में भी स्थापित होगा यन्त्र
इस मौके पर हरिद्वार से आये स्वामी सहजानंद के भक्त अंकित त्यागी ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से हिसार में विश्व के सबसे बड़े महामृत्युंजय यंत्र की जानकारी मिली। वे एस्ट्रो प्रदुमन के फॉलोअर हैं और जानकारी मिलने के बाद अपनी टीम के साथ यंत्र के दर्शन करने तथा स्वामी सहजानंद महाराज से मिलने पहुंचे। यंत्र को देखकर उनके मन में विचार आया कि जब इतना भव्य महामृत्युंजय यंत्र हिसार में स्थापित हो सकता है तो गंगा नगरी हरिद्वार में भी इसकी स्थापना होनी चाहिए। उन्होंने हरिद्वार स्थित श्री हरि एन्क्लेव में महामृत्युंजय यंत्र स्थापित करने की इच्छा जताई और बताया कि इसके लिए जमीन भी तय कर ली गई है। उन्होंने कहा कि स्वामी सहजानंद महाराज का आशीर्वाद मिलने पर जल्द ही इस दिशा में काम शुरू किया जाएगा और प्रयास रहेगा कि कुंभ से पहले वहां भी यंत्र की स्थापना हो सके।
ये रहे मौजूद
आयोजन में स्वामी सहजानंद महाराज के साथ निकिता माथुर, नितेश कुमार माथुर, अभय, दिग्विजय, अंशिका, मां लक्ष्मी ग्रुप से कुलदीप गुप्ता, ऋतुपाल डेढा, मनोज नेगी सहित निकिता माथुर, नितेश कुमार माथुर, अभय, दिग्विजय, अंशिका, अंकित त्यागी, राजीव सिक्का, अभिराजीव सिक्का, अभिषेक सिंह, शिवानी ठाकुर, मेघा त्यागी, अर्थवी, सलोनी, मयंक, हनी, विशाल, सविता नैय्यर, राहुल नैय्यर, एडवोकेट सर्वजीत सिंह, डॉ नेहा धवन प्रदेश प्रवक्ता भाजपा आदि अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
दिनभर चले धार्मिक आयोजन में रुद्र यज्ञ, महामृत्युंजय मंत्रोच्चारण और यंत्र दर्शन के साथ ड्रोन से की गई करोड़ों बेलपत्रों एवं इत्र की वर्षा मुख्य आकर्षण रही। आयोजकों ने इसे मैय्यड़ में विकसित हो रहे आध्यात्मिक केंद्र की नई शुरुआत बताते हुए कहा कि यहां आने वाले समय में योग, ज्योतिष, ध्यान और आध्यात्मिक साधना से जुड़े कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।