हिसार में नाबालिग को गुजरात ले जाकर बंधक बनाने और दुष्कर्म करने के दोषी को अदालत ने सुनाई 20 साल की कैद

हिसार, 11 सितंबर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील जिंदल की अदालत ने एक बहुत बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर गुजरात ले जाने और वहां करीब पांच महीने तक बंधक बनाकर दुष्कर्म करने वाले दोषी को 20 साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 1.05 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील जिंदल की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। दोषी पर 1.05 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। यदि दोषी जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला हिसार का है।
वर्ष 2022 का है पूरा मामला और अदालत में चले साक्ष्य
अालत में चले मामले के अनुसार वर्ष 2022 में यह केस दर्ज किया गया था। इस मामले में मुख्य आरोप यह था कि सचिन एक मई 2022 को नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर गुजरात ले गया था। वहां उसने एक कमरे में करीब पांच महीने तक पीड़िता को बंधक बनाकर रखा था। पीड़िता ने अदालत में अपने बयान दर्ज कराए। उसने बताया कि आरोपी उसे लगातार धमकाता था। आरोपी कई बार उसके साथ दुष्कर्म करने के साथ मारपीट भी करता था। जब पीड़िता ने वहां से भागने की कोशिश की, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इस पूरी अवधि के दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई थी।
पुलिस द्वारा बरामदगी और अदालत का अंतिम फैसला
पीड़िता के माता-पिता ने पुलिस के पास जाकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अक्टूबर 2022 में पीड़िता को गुजरात से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता का बयान दर्ज कराया था। इस मामले में अदालत में सभी आवश्यक साक्ष्य और बयान पेश किए गए। इन्हीं साक्ष्यों और बयानों के आधार पर अदालत ने सचिन को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी सचिन को 20 साल कैद और 1.05 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।