हिसार में एनडीपीएस कार्रवाई में 121 प्रतिशत बढ़ोतरी, तस्करों की संपत्ति अटैचमेंट 307 प्रतिशत बढ़ी

हिसार में एनडीपीएस कार्रवाई में 121 प्रतिशत बढ़ोतरी, तस्करों की संपत्ति अटैचमेंट 307 प्रतिशत बढ़ी

हिसार जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध एवं नशे पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। जनवरी से सितंबर 2025 और जनवरी से सितंबर 2026 की समान अवधि के पुलिस आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण में नशा तस्करी, अवैध शराब, जुआ-सट्टा और साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस कार्रवाई में उल्लेखनीय बदलाव सामने आया है। एनडीपीएस मामलों में जहां 121 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, वहीं नशा तस्करों की संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई में 307 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में 279 प्रतिशत इजाफा हुआ है और साइबर अपराध के मामले घटे लेकिन रिकवरी 61 प्रतिशत बढ़ी है।

पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पुलिस का उद्देश्य केवल मुकदमे दर्ज करना नहीं, बल्कि अपराध के पूरे नेटवर्क पर प्रहार करना है। खासकर नशा तस्करी के मामलों में आरोपियों के आर्थिक नेटवर्क, अवैध कमाई और उससे अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि नशे के कारोबार की जड़ पर प्रभावी प्रहार किया जा सके।

एनडीपीएस मामलों और गिरफ्तारियों में भारी वृद्धि

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पुलिस आंकड़ों के अनुसार जनवरी से सितंबर 2025 की अवधि में जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत 90 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2026 की समान अवधि में यह संख्या बढ़कर 181 हो गई। इस प्रकार एनडीपीएस मामलों में 121 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इन मामलों में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या भी 206 से बढ़कर 314 हो गई है, जो 49 प्रतिशत की वृद्धि है।

पुलिस ने नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी है। एनडीपीएस मामलों में आरोपियों की संपत्ति अटैच करने की राशि वर्ष 2025 में 63 लाख 30 हजार रुपये थी, जो 2026 में बढ़कर दो करोड़ 9 लाख 86 हजार 582 रुपये हो गई है। यह 307 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है। पुलिस के अनुसार इससे नशा तस्करी के साथ-साथ उससे जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर भी कार्रवाई की जा रही है।

आबकारी और जुआ अधिनियम के तहत कार्रवाई

आबकारी अधिनियम के तहत भी पुलिस की कार्रवाई में बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है। वर्ष 2025 में इस अधिनियम के तहत 40 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2026 में यह संख्या बढ़कर 141 हो गई है। इस तरह मामलों में 279 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। गिरफ्तार आरोपियों की संख्या भी 46 से बढ़कर 154 हो गई है, जो करीब 235 प्रतिशत अधिक है।

जुआ अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की संख्या भी पांच से बढ़कर 14 हो गई है। आंकड़ों के अनुसार जुआ-सट्टा के मामलों में 180 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

साइबर अपराध के मामले घटे, रिकवरी और गिरफ्तारियां बढ़ीं

साइबर अपराध के क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई का एक अलग रुझान सामने आया है। वर्ष 2025 की समान अवधि में साइबर अपराध के 120 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2026 में इनकी संख्या घटकर 88 रह गई है। यानी मामलों में करीब 27 प्रतिशत की कमी आई है। इसके साथ ही साइबर ठगी के पीड़ितों की रकम वापस कराने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2025 में 65 लाख 22 हजार 36 रुपये की राशि पीड़ितों को वापस कराई गई थी, जबकि 2026 में यह राशि बढ़कर एक करोड़ पांच लाख 14 हजार 674 रुपये हो गई है। इस प्रकार साइबर फ्रॉड की रिकवरी में 61 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं साइबर अपराध के मामलों में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 178 से बढ़कर 224 हो गई है, जो 26 प्रतिशत अधिक है।

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