हिसार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस आयोजित, उपायुक्त महेंद्र पाल बोले- विभाजन की पीड़ा को याद रखना नई पीढ़ी के लिए जरूरी

हिसार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को लघु सचिवालय परिसर में एक भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान विचार गोष्ठी, विभाजन से संबंधित चित्र प्रदर्शनी, वृत्तचित्र प्रदर्शन और मौन श्रद्धांजलि का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों तथा विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभाजन की त्रासदी, पीड़ित परिवारों के संघर्ष और उनके त्याग को नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा है।
उपायुक्त महेंद्र पाल ने दी जानकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिसार के उपायुक्त महेंद्र पाल ने कहा कि 14 अगस्त 1947 को हुआ देश का विभाजन इतिहास की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदियों में से एक था। इस दौरान लाखों लोगों को रातों-रात अपना घर, जमीन और कारोबार छोड़कर अनजान स्थानों की ओर पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस कठिन समय में असंख्य परिवार एक-दूसरे से बिछड़ गए और बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जान गंवा दी। उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा और उससे जुड़े इतिहास को याद रखना केवल अतीत को स्मरण करना नहीं है। इसका उद्देश्य वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को एकता, अखंडता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का महत्व समझाना भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें एक ऐसा समाज और राष्ट्र बनाना चाहिए जहां आपसी सौहार्द और मानवता सर्वोपरी हो।
विस्थापित परिवारों से मिले उपायुक्त
इस अवसर पर उपायुक्त महेंद्र पाल ने विभाजन की त्रासदी झेल चुके विस्थापित परिवारों के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके अनुभव सुने। उन्होंने कहा कि इन परिवारों ने बेहद विपरीत परिस्थितियों में साहस और संघर्ष का परिचय दिया है। इन परिवारों ने न केवल अपने जीवन को दोबारा से खड़ा किया, बल्कि देश के विकास में भी बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कार्यक्रम में शामिल रहे गणमान्य लोग
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुभाष चंद्र और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा कार्यक्रम में विभाजन पीड़ित परिवारों से जुड़े जयकिशन गिरधर, पूर्ण देवी, नरेश मेहता, इकबाल सिंह, राजेश अरोड़ा, शम्मी नागपाल, ज्ञानचंद ग्रोवर, वीना ग्रोवर, नेहा रानी ग्रोवर, वेदिका ग्रोवर, ओमप्रकाश मलिक, ईश कुमार आर्य, गोपाल दास मनचंदा, चंद्रभान गांधी और विनोद कुमार गांधी सहित अन्य कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।