हिसार जिला पुलिस की नई पहल: हर थाना बनेगा अपने इलाके की समस्या का प्रहरी, अपराध नियंत्रण पर रहेगा पूरा फोकस

हिसार जिला पुलिस ने अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए 'एक थाना-एक जिम्मेदारी' की नई कार्यप्रणाली शुरू की है। इस नई पहल के तहत प्रत्येक थाना अपने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं और अपराध की प्रवृत्तियों की पहचान करेगा। इसके बाद थाने उन समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी भी खुद लेंगे। थाना प्रभारियों को केवल मुकदमों की जांच तक सीमित रहने के निर्देश नहीं दिए गए हैं। इसके बजाय उन्हें अपराध रोकने और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश मिले हैं। 'एक थाना-एक जिम्मेदारी' के इस नए सिस्टम में अपराध की प्रवृत्ति से लेकर आम जनसमस्याओं तक पर विशेष फोकस रखा जाएगा।
किन क्षेत्रों और समस्याओं पर रहेगा विशेष ध्यान
इस नई पहल के तहत सभी थानों को अपने क्षेत्र में कुछ खास संवेदनशील बिंदुओं की पहचान करनी होगी। थानों को अपने इलाके में नशा तस्करी के संभावित हॉटस्पॉट का पता लगाना होगा। इसके अलावा साइबर अपराध की स्थिति, महिला एवं बाल सुरक्षा, और यातायात व्यवस्था पर भी कड़ी नजर रखनी होगी। थानों को स्कूलों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की सुरक्षा चुनौतियों की भी पहचान करनी होगी। इसके साथ ही जमानत पर बाहर आए गंभीर मामलों के आरोपियों की गतिविधियों पर भी पूरी निगरानी रखी जाएगी। इतना ही नहीं, आम जनता की शिकायतों पर अब तक हुई कार्रवाई की भी लगातार निगरानी की जाएगी।
हर महीने होगी कार्यों की समीक्षा और वास्तविक परिणामों पर जोर
थाना स्तर पर किए जाने वाले सभी कार्यों की हर महीने उच्च स्तर पर समीक्षा की जाएगी। इस समीक्षा का आधार केवल दर्ज किए गए मामलों और कार्रवाई की कुल संख्या नहीं होगी। इसके बजाय अपराध में कमी, नशे पर नियंत्रण, साइबर जागरूकता, महिला सुरक्षा और आमजन के विश्वास में सुधार जैसे वास्तविक परिणामों को मुख्य आधार बनाया जाएगा। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने रविवार को इस बारे में पूरी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाना अपने क्षेत्र में पुलिस का असली चेहरा होता है। इसलिए थाना प्रभारी और सभी पुलिसकर्मी लगातार लोगों से संवाद करें और उनकी समस्याओं को सही से समझें।
जमीन पर दिखने चाहिए परिणाम: एसपी सिद्धांत जैन
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा कि पुलिस को केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पुलिसकर्मियों को अपराध को रोकने की पुख्ता रणनीति पर भी लगातार काम करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल कागज पर खानापूर्ति वाली कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। पुलिसिंग का असली आधार जमीन पर दिखने वाले वास्तविक परिणाम होने चाहिए। पुलिस की इस नई कार्यप्रणाली का मूल मंत्र तीन मुख्य बातों पर आधारित रखा गया है। इसमें एक थाना-एक जिम्मेदारी, एक समस्या-एक रणनीति और एक महीना-एक समीक्षा शामिल है। इस पूरी व्यवस्था का मुख्य लक्ष्य अपराध में भारी कमी लाना है। इसके साथ ही इसका उद्देश्य आम जनता के मन में सुरक्षा के भरोसे को और अधिक मजबूत करना है।