हिसार में अपराध छोड़ नई जिंदगी शुरू करने वालों का पुलिस थामेगी हाथ, एसपी सिद्धांत जैन का बड़ा ऐलान

हिसार जिले में अपराध के खिलाफ सख्ती के साथ-साथ अब एक नई पहल की शुरुआत की जा रही है। जो लोग अपराध का रास्ता छोड़कर सामान्य जिंदगी शुरू करना चाहते हैं, जिला पुलिस उनका साथ देगी। हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपनी पुरानी गलतियों को पीछे छोड़कर ईमानदारी और मेहनत से नई जिंदगी शुरू करना चाहता है, उसे सुधार का अवसर मिलना चाहिए। ऐसे लोगों का हाथ थामकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पुलिस हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
सजा पूरी कर चुके और नशा छोड़ने वाले युवाओं पर रहेगा विशेष ध्यान
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जेल से सजा पूरी कर बाहर आने वाले व्यक्तियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा अपराध से दूरी बना चुके युवाओं और नशा छोड़कर सामान्य जीवन जीने का प्रयास कर रहे युवाओं को परिवार व समाज के साथ दोबारा बेहतर तरीके से जोड़ा जाएगा। ऐसे सभी लोगों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा ताकि उन्हें दोबारा अपराध की ओर लौटने से रोका जा सके। एसपी ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसे व्यक्तियों के साथ कानून के दायरे में मानवीय और सकारात्मक व्यवहार किया जाए। पुलिसकर्मियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझने का पूरा प्रयास करें।
नशे की गिरफ्त से बाहर निकले युवाओं को मिलेगा खेल और रोजगार का सहारा
एसपी सिद्धांत जैन ने कहा कि नशे की गिरफ्त से बाहर निकलना किसी भी व्यक्ति के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। ऐसे युवाओं को खेल, शिक्षा, रोजगार और अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए संबंधित विभागों व सामाजिक संस्थाओं का पूरा सहयोग लिया जाएगा। जिला पुलिस पहले से ही नशा मुक्ति और जागरूकता अभियानों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए लगातार प्रेरित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि गलती की सजा कानून देता है, लेकिन सुधार का रास्ता हमेशा समाज खोलता है। अपराध छोड़ने की इच्छा रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति को एक बेहतर नागरिक बनने का अवसर देना पुलिस और समाज दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है।
आम जनता से पुलिस की अपील, सामाजिक बहिष्कार के बजाय दें सकारात्मक माहौल
पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से भी एक विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि आमजन ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार करने के बजाय उन्हें एक सकारात्मक माहौल दें। ऐसा करने से वे लोग एक सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे और गलती से भी दोबारा अपराध की ओर नहीं लौटेंगे। समाज का साथ मिलने से अपराध छोड़ने वाले ये लोग आसानी से मुख्यधारा में लौट सकते हैं।