हिसार के राजथल गांव में महापंचायत: नशे के सौदागरों ने खाई कसम, बोले- आज के बाद नहीं करेंगे अवैध कारोबार

हिसार के नारनौंद उपमंडल के गांव राजथल में नशे के बढ़ते कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए ग्रामीणों ने अब खुद मोर्चा संभाल लिया है। गुरुवार को गांव की चौपाल में एक बड़ी महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को भी विशेष रूप से पंचायत के बीच बुलाया गया। ग्रामीणों के सामने इन लोगों ने हाथ जोड़कर भरोसा दिलाया कि आज के बाद वे किसी भी प्रकार का अवैध नशा नहीं बेचेंगे। उन्होंने गांव को नशामुक्त बनाने के इस अभियान में हरसंभव सहयोग करने की बात कही। इस महापंचायत में पुलिस प्रशासन के कई अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने ग्रामीणों को पूरा आश्वासन दिया कि नशे के खिलाफ इस मुहिम में पुलिस हर स्तर पर उनका साथ देगी।
राजथल गांव में नशे की बिक्री बनी बड़ी चिंता
राजथल गांव में पिछले काफी समय से अवैध नशे की बिक्री होना ग्रामीणों के लिए एक बहुत बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि इस नशे के अवैध कारोबार के कारण पूरे प्रदेशभर में गांव की बदनामी हो रही है। इस अवैध धंधे का सबसे अधिक नुकसान गांव के मासूम युवाओं को उठाना पड़ रहा है। नशे के इस काले कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए पहले भी ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन की ओर से कई बार कड़े प्रयास किए गए थे, लेकिन यह समस्या पूरी तरह से खत्म नहीं हो सकी। इसी गंभीर समस्या के चलते अब ग्रामीणों ने गांव स्तर पर इस अभियान को और अधिक मजबूत करने का कड़ा निर्णय लिया है।
महापंचायत में नशा बेचने वालों से लिया गया सीधा जवाब
इस महापंचायत की अध्यक्षता रामकुमार शर्मा द्वारा की गई। पंचायत में मौजूद सभी ग्रामीणों और युवाओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने के बावजूद उन्हें कई बार अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाता है, जिससे यह अभियान कमजोर पड़ जाता है। ग्रामीणों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि उन्हें पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग मिले, तो गांव के युवा इस नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए किसी भी हद तक प्रयास करने को पूरी तरह तैयार हैं। पंचायत के दौरान नशा बेचने वाले लोगों को विशेष रूप से बुलाकर उनसे सीधा जवाब मांगा गया, जिस पर उन लोगों ने भविष्य में कभी भी अवैध नशे की बिक्री नहीं करने का पक्का भरोसा दिया।
दोबारा नशा बेचने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
पंचायत में यह बहुत महत्वपूर्ण फैसला भी तय किया गया कि यदि गांव में भविष्य में कोई भी व्यक्ति दोबारा नशे की बिक्री करते हुए पाया जाता है, तो ग्रामीण उसका नाम तुरंत पंचायत के सामने रखेंगे। इसके साथ ही पुलिस को तुरंत सूचना देकर उस व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करवाई जाएगी। पंचायत में मौजूद सभी मौजिज और सम्मानित लोगों ने नशा बेचने वाले इन लोगों को बिल्कुल स्पष्ट चेतावनी दे दी है कि वे इसे अपना आखिरी और अंतिम मौका समझें। इसके बाद यदि कोई भी व्यक्ति दोबारा नशे के कारोबार में संलिप्त पाया गया, तो उसका नाम सीधे पुलिस को सौंप दिया जाएगा और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों की चेतावनी और ग्रामीणों की भागीदारी
इस महापंचायत में थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ढिल्लों और सीआईए प्रभारी सुरेंद्र सिंह भी विशेष रूप से पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने इस दौरान कहा कि नशे पर प्रभावी और सख्त रोक लगाने के लिए पुलिस के साथ-साथ आम ग्रामीणों की भागीदारी होना भी बहुत जरूरी है। गांव के लोगों की ओर से जल्द ही एक कमेटी का गठन किया जाएगा और उस कमेटी के साथ मिलकर ही इस नशे के खिलाफ अभियान को आगे चलाया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने अवैध नशे के कारोबार में शामिल सभी लोगों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वे इस गलत धंधे को तुरंत छोड़ दें, अन्यथा पुलिस की ओर से उनके खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नशे ने पहुंचाई गांव की छवि को भारी नुकसान
ग्रामीण रामकुमार शर्मा, सरपंच प्रतिनिधि अनिल गोदारा, जोगेंद्र मान, मेहर सिंह बिसला, बच्चन मान और चांदी राम ने संयुक्त रूप से कहा कि अवैध नशे के कारण राजथल गांव की छवि लगातार खराब हो रही है। गांव के तमाम लोग इस बात से बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि नशे की इस बुरी बुराई को समाज से हमेशा के लिए खत्म करने के लिए ग्रामीण पहले भी अपने स्तर पर लगातार प्रयास करते रहे हैं, लेकिन अब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के पूर्ण सहयोग से इस अभियान को एक निर्णायक मोड़ तक आगे बढ़ाया जाएगा।