हिसार के विद्यालय में बच्चों को दिया गया आत्मरक्षा एवं कराटे का प्रशिक्षण, आत्मविश्वास बढ़ाने का दिया संदेश

हिसार के विद्यालय में बच्चों को दिया गया आत्मरक्षा एवं कराटे का प्रशिक्षण, आत्मविश्वास बढ़ाने का दिया संदेश

हिसार में जहाज पुल के पास स्थित राजकीय विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए आत्मरक्षा एवं कराटे प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध पर्वतारोही एवं युवा प्रेरणा स्रोत मीनू कालीरामन तथा विजेता मुंदलिया ने विशेष रूप से भाग लिया है। इन दोनों ने विद्यार्थियों को आत्मरक्षा के विभिन्न तरीकों और कराटे की बुनियादी तकनीकों का सटीक प्रशिक्षण दिया है।

आत्मरक्षा और आत्मविश्वास का महत्व

इस अवसर पर प्रसिद्ध पर्वतारोही मीनू कालीरामन ने विद्यार्थियों को संबोधित किया है। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा है कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक शक्ति का विषय नहीं है। यह आत्मविश्वास, अनुशासन और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता से भी गहराई से जुड़ी है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से यह आह्वान किया है कि वे पढ़ाई के साथ-साथ खेल, आत्मरक्षा और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने विशेष जोर देकर कहा है कि बेटियों और बच्चों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना आज के समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। कराटे एवं आत्मरक्षा का यह प्रशिक्षण बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, साहस और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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पर्वतारोहण के अनुभव और व्यावहारिक प्रशिक्षण

मीनू कालीरामन ने अपने पर्वतारोहण के अनुभव भी विद्यार्थियों के साथ साझा किए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को यह प्रेरणा दी है कि वे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कभी भी हिम्मत न हारें और निरंतर प्रयास करते हुए अपने लक्ष्य के प्रति हमेशा दृढ़ रहें। उन्होंने यह भी समझाया है कि जीवन में आने वाली कठिनाइयां व्यक्ति को कमजोर करने के बजाय उसे और अधिक मजबूत बनाने का एक सुनहरा अवसर देती हैं। कार्यक्रम के दौरान विजेता मुंदलिया ने विद्यार्थियों को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया है। उन्होंने यह बात कही है कि प्रत्येक बच्चे को कम से कम बुनियादी आत्मरक्षा का ज्ञान अवश्य होना चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वह अपनी सुरक्षा स्वयं करने में पूरी तरह सक्षम हो सके।

विद्यार्थियों का उत्साह और विद्यालय स्टाफ का आभार

इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सभी विद्यार्थियों ने बहुत ही पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया है। विद्यार्थियों ने आत्मरक्षा और कराटे की विभिन्न तकनीकों का बड़े ध्यान से अभ्यास किया है। इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सशक्त, आत्मनिर्भर, अनुशासित और आत्मविश्वासी बनाना तय किया गया था। अंत में, विद्यालय के सभी शिक्षकों और स्टाफ ने मीनू कालीरामन और विजेता मुंदलिया का तह दिल से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने यह कहा है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगिण विकास में बहुत महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे आयोजन बच्चों को न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाते हैं, बल्कि उन्हें विपरीत परिस्थितियों का डटकर सामना करने के लिए मानसिक रूप से भी पूरी तरह तैयार करते हैं।

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