हिसार में बसों की कमी से परेशान छात्रों का जीएम कार्यालय पर प्रदर्शन, दिया एक सप्ताह का अल्टीमेटम

हिसार में ग्रामीण रूटों पर बसों की कमी और अव्यवस्थित बस सेवा के कारण छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या से परेशान होकर छात्रों ने सोमवार को रोडवेज जीएम कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने गांवों के रूटों पर पर्याप्त बसें चलाने और विद्यार्थियों के लिए सुबह-शाम नियमित सेवा शुरू करने की मांग की है। यदि एक सप्ताह में इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो छात्र पक्का धरना शुरू करेंगे।
ग्रामीण रूटों पर बसों की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन
भारत की जनवादी नौजवान सभा की मलापुर इकाई के प्रधान साहिल के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में लाडवी, मलापुर, जाखोद, कोहली, दुर्जनपुर सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में छात्र और नौजवान पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त और नियमित बस सेवा उपलब्ध करवाने की पुरजोर मांग उठाई।
अधिकारियों को सौंपा गया ज्ञापन
जीएम की अनुपस्थिति में छात्रों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि गांवों के रूटों पर पर्याप्त संख्या में बसें चलाई जाएं। इसके साथ ही बसों के समय में सुधार किया जाए तथा सुबह-शाम विद्यार्थियों के लिए नियमित बस सेवा सुनिश्चित की जाए। छात्रों ने यह भी मांग उठाई कि छात्र पास की सुविधा को पूरी तरह से सुचारू बनाया जाए।
छात्र नेताओं ने दी कड़ी चेतावनी
भारत की जनवादी नौजवान सभा के राज्य अध्यक्ष मुकेश दुर्जनपुर और जिला प्रधान पंकज बगला ने कहा कि बसों की कमी के कारण ग्रामीण विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार बस समय पर नहीं मिलने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इस प्रदर्शन में जिला उपप्रधान एवं ब्लॉक पार्षद प्रदीप बेनीवाल ने भी छात्रों को संबोधित किया। इसके अलावा एसएफआई जिला प्रधान निखिल राजली सहित हरीश, सचिन, राजेंद्र, अभिषेक समेत काफी संख्या में छात्र मौके पर मौजूद रहे। नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन को समस्याओं के समाधान के लिए केवल एक सप्ताह का समय दिया गया है। यदि इस एक सप्ताह के भीतर छात्रों की मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो हिसार जीएम कार्यालय के सामने पक्का धरना शुरू किया जाएगा और छात्रों के हित में इस आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।