हिसार: 'द इन्सपायर इंडिया' ने 2000 बच्चों को बांटी स्टेशनरी किट, जन्मदिन के उपहार के रूप में दे रहे पढ़ाई का सामान

12 वर्षों से शिक्षा की अलख जगा रहा द इन्सपायर इंडिया, ‘मुझे भी पढ़ना है’ अभियान 2026 में 2000 बच्चों को मिली स्टेशनरी किट
2014 वर्षों से शिक्षा की मुख्यधारा से बच्चों को जोड़ने का प्रयास जारी, जन्मदिन के उपहार के रूप में दी जा रही स्टेशनरी किट
हिसार /13 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
हिसार में सामाजिक संस्था द इन्सपायर इंडिया द्वारा जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से चलाया जा रहा ‘मुझे भी पढ़ना है’ अभियान 2026 लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। अभियान के अंतर्गत संस्था द्वारा मई से जुलाई 2026 के दौरान 2000 से अधिक जरूरतमंद बच्चों तक स्टेशनरी किट पहुंचाने का कार्य किया जा चुका है। संस्था पिछले 12 वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते हुए समाज के जरूरतमंद वर्गों तक पहुंच बनाने का प्रयास कर रही है।
संस्था के अध्यक्ष विनेश नागपाल के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में संस्था की टीम विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से लगातार जनता की सेवा में कार्य कर रही है। इसी क्रम में टीम पाठशाला के कोऑर्डिनेटर यमन पाहुजा एवं शुभम भाटिया के नेतृत्व में ‘मुझे भी पढ़ना है’ अभियान 2026 को संचालित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से ऐसे बच्चों तक शैक्षणिक सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिनके लिए पढ़ाई से संबंधित आवश्यक संसाधन जुटाना परिवार के लिए चुनौतीपूर्ण है।
अभियान के तहत संस्था की टीम द्वारा हिसार के मिल गेट क्षेत्र के HTM स्कूल, वन विभाग, शिव नगर, आदर्श नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों के विद्यालयों में पहुंचकर जरूरतमंद विद्यार्थियों को स्टेशनरी किट वितरित की गई। इसके अलावा टीम द्वारा चमारखेड़ा, उकलाना, पटेल नगर एवं गंगवा सहित अन्य क्षेत्रों में भी पहुंचकर विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध करवाई गई।
संस्था की ओर से स्टेशनरी किट वितरण के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है कि किसी भी बच्चे को यह महसूस न हो कि उसे किसी की दया या सहायता मिल रही है। इसी उद्देश्य से बच्चों को स्टेशनरी किट जन्मदिन के उपहार के रूप में प्रदान की जाती है और बच्चों के साथ खुशी का माहौल साझा किया जाता है। संस्था का मानना है कि शिक्षा के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाने के साथ-साथ बच्चों के आत्मसम्मान और उनके सपनों का सम्मान करना भी उतना ही जरूरी है।
संस्था के कोऑर्डिनेटर शिवा जी एवं प्रवेश कामरा ने बताया कि द इन्सपायर इंडिया पिछले 12 वर्षों से लगातार समाज में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रयास कर रही है। संस्था द्वारा समय-समय पर बुक ड्राइव, नोटबुक ड्राइव, स्टेशनरी वितरण एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध करवाने जैसे अभियान चलाए जाते हैं। वर्ष 2026 में मई से जुलाई माह के दौरान संस्था द्वारा 2000 से अधिक जरूरतमंद बच्चों तक स्टेशनरी किट पहुंचाने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल एक अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि इस कार्य को निरंतर आगे बढ़ाते हुए अधिक से अधिक बच्चों तक शिक्षा के संसाधन पहुंचाना है।
संस्था के सीनियर कोऑर्डिनेटर रजत नागपाल ने बताया कि पिछले 12 वर्षों से संस्था विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने के लिए अलग-अलग स्तरों पर कार्य कर रही है। इसमें बुक ड्राइव एवं नोटबुक ड्राइव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन अभियानों के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाने का लगातार प्रयास किया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में अभी तक संस्था द्वारा लगभग 500 जरूरतमंद बच्चों को स्कूल बैग, किताबें एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध करवाई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी बच्चे के बेहतर भविष्य की नींव है। यदि किसी बच्चे के पास पढ़ने की इच्छा है, लेकिन आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण उसके पास आवश्यक संसाधन नहीं हैं, तो समाज की जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे बच्चों का सहयोग किया जाए। संस्था इसी सोच के साथ लगातार जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
संस्था की ओर से कहा गया कि “हमारा प्रयास केवल स्टेशनरी किट उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बच्चों को यह विश्वास दिलाना है कि उनके सपने भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।” संस्था का मानना है कि किसी भी बच्चे की प्रतिभा और शिक्षा केवल इसलिए प्रभावित नहीं होनी चाहिए क्योंकि उसके पास किताबें, कॉपियां, स्कूल बैग या अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध नहीं है।
संस्था ने आमजन से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की है। संस्था की ओर से कहा गया कि यदि किसी व्यक्ति के आसपास कोई ऐसा बच्चा, परिवार, विद्यालय या बस्ती है, जहां स्टेशनरी किट, स्कूल बैग, किताबें या अन्य शैक्षणिक सामग्री की आवश्यकता है, तो इसकी जानकारी संस्था को दी जा सकती है। संस्था जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचकर उनकी आवश्यकता के अनुसार सहयोग करने का प्रयास करेगी।
संस्था का उद्देश्य है कि संसाधनों का अभाव किसी भी बच्चे की शिक्षा के बीच बाधा न बने। इसके लिए संस्था समाज के लोगों, सदस्यों, कॉर्डिनेटर्स एवं सहयोगियों को भी अभियान से जोड़ रही है, ताकि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से अधिक से अधिक बच्चों तक शिक्षा की उम्मीद, सम्मान और मुस्कान पहुंचाई जा सके।
द इन्सपायर इंडिया ने समाज के सभी वर्गों से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति संस्था के ‘मुझे भी पढ़ना है’ अभियान से जुड़कर जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग करना चाहता है, तो वह संस्था के हेल्पलाइन नंबर 9896999006 पर संपर्क कर सकता है।
अभियान के दौरान संस्था की टीम के साथ शिवा जी, प्रवेश कामरा, गौरव गोयल, शुभम भाटिया, दुष्यंत, श्रवण तंवर, मनप्रीत कौर, रजनी चांदना, शुभम रहेजा, पुनीत ग्रोवर, गौरव सैनी, दीपक सैनी, जतिन मदान, नवीन बच्ची आदि मौजूद रहे।