हिसार में बोले कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज: आधुनिक तकनीकों को प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुंचाना जरूरी

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने कहा है कि कृषि विभाग और विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के बीच बेहतर समन्वय से कृषि संबंधी नवीन तकनीकों को किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बदलती जलवायु, प्राकृतिक संसाधनों की सीमित उपलब्धता तथा बढ़ती कृषि लागत को ध्यान में रखते हुए किसानों को ऐसी तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए, जिससे उत्पादन के साथ-साथ उनकी आय में भी वृद्धि हो सके। हकृवि वैज्ञानिकों एवं प्रदेश के कृषि अधिकारियों की कार्यशाला फसलों में नई समग्र सिफारिशों के लिए दो दिन मंथन करेगी। यह दो दिवसीय कार्यशाला हिसार में आयोजित की जा रही है।
कृषि अधिकारी कार्यशाला (रबी) 2026 का आयोजन
कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज बुधवार को मौलिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय के सभागार में कृषि अधिकारी कार्यशाला (रबी) 2026 को संबोधित कर रहे थे। इस दो दिवसीय कार्यशाला में विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक तथा प्रदेश के कृषि और किसान कल्याण विभाग के सभी जिलों से कृषि अधिकारी भाग ले रहे हैं। कुलपति ने कहा कि प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा योजनाबद्ध ढंग से कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्र प्रदेशभर के लगभग 40 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण भी प्रदान करेंगे। वैज्ञानिक निरंतर अनुसंधान एवं नई तकनीक पर काम कर रहे हैं।
आधुनिक तकनीक का उपयोग और रबी फसलों पर विचार
कुलपति ने बताया कि वर्तमान में फसल अवशेष प्रबंधन, फसल विविधिकरण, मृदा स्वास्थ्य व जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक का उपयोग करके फसल उत्पादन बढ़ाने व कृषि से जुड़ी समस्याओं का तत्परता से समाधान करने की आवश्यकता है। दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान रबी फसलों की बुवाई से पूर्व किसानों को आवश्यक कृषि आदानों की उपलब्धता, गुणवत्तापूर्ण बीज, फसलवार अनुशंसित किस्मों, उर्वरक एवं सिंचाई प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा मौसम आधारित कृषि सलाह उपलब्ध करवाने को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यशाला में कृषि से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
विभिन्न अधिकारियों ने दी जानकारी
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. रामप्रताप सिहाग ने सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने कार्यशाला में गेहूं, सरसों, जौ तथा गन्ना सहित विभिन्न रबी फसलों के क्षेत्र में विश्वविद्यालय द्वारा अर्जित की गई उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. नरेश कौशिक ने सभी का स्वागत करते हुए दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान की जाने वाली गतिविधियों के बारे में बताया। अधिकारियों ने किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।