हिसार में बेटी की गवाही से पत्नी की हत्या करने वाले पति को उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माना

हिसार में बेटी की गवाही से पत्नी की हत्या करने वाले पति को उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माना

हिसार में अदालत ने पत्नी सुमन देवी की हत्या के मामले में आरोपी पति सुरेश को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला हिसार की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-कम-जज, विशेष न्यायालय, महिलाओं के विरुद्ध जघन्य अपराध की अदालत द्वारा सुनाया गया है। अदालत ने 19 अगस्त को आरोपी को हत्या के अपराध में दोषी ठहराया था और मंगलवार को सजा का ऐलान किया। इस मामले में चिकित्सकीय और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से भी हत्या की पुष्टि हुई है।

हत्या का मामला और अदालत में चली कार्रवाई

शिकायतकर्ता राम कुमार की ओर से अधिवक्ता मनोज कुश ने अदालत को बताया कि यह मामला स्टेट ऑफ हरियाणा बनाम सुरेश के संबंध में दो जुलाई 2024 को दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष ने अदालत में मौखिक, चिकित्सकीय और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को बहुत प्रभावी ढंग से रखा। मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से आगे की जांच के लिए अदालत में एक आवेदन भी दिया गया था। अदालत ने इस आवेदन को स्वीकार करते हुए आगे की जांच करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद महत्वपूर्ण गवाहों के बयान और अन्य अतिरिक्त साक्ष्य रिकॉर्ड पर आए, जिससे अभियोजन पक्ष के मामले को काफी मजबूती मिली।

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नाबालिग बेटी की गवाही साबित हुई सबसे अहम

अदालत ने मृतका की नाबालिग बेटी नैंसी की गवाही को विशेष रूप से बहुत महत्वपूर्ण माना। अदालत के अनुसार, गवाह बेटी ने घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण परिस्थितियों को अपनी आंखों से प्रत्यक्ष रूप से देखा था। बेटी की गवाही में ऐसा कोई महत्वपूर्ण विरोधाभास नहीं मिला, जिससे उसकी विश्वसनीयता पर कोई असर पड़े। इस गवाही की पूरी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से भी हो गई। अदालत ने यह भी कहा कि मामले की प्रारंभिक जांच में गंभीर कमियां थीं और कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य समय पर एकत्र नहीं किए गए थे। इसी बड़ी वजह से आगे की जांच करना बहुत आवश्यक हो गया था।

अतिरिक्त जांच और सजा का फैसला

अतिरिक्त जांच के बाद सामने आए सभी साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद अदालत ने यह माना कि आरोपी के खिलाफ परिस्थितियों की पूरी और अखंड कड़ी स्थापित होती है। उपलब्ध कराए गए सभी साक्ष्यों से यह साबित हो गया कि हत्या का अपराध किसी भी संदेह से परे है। हालांकि, अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 85 के तहत लगाए गए आरोप को अभियोजन द्वारा सिद्ध नहीं किए जाने पर आरोपी सुरेश को इस विशेष आरोप से बरी कर दिया। इसके बावजूद पत्नी सुमन देवी की हत्या के मामले में बीएनएस की धारा 103(1) के तहत दोष सिद्ध होने पर उसे उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

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