अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमका हिसार का नाम, दंत चिकित्सक डॉ. मेघा चावला को मिला प्रतिष्ठित FICOI सम्मान

अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमका हिसार का नाम, डॉ. मेघा चावला सम्मानित
दंत चिकित्सा में उत्कृष्ट योगदान और आधुनिक उपचार के लिए मिला प्रतिष्ठित सम्मान
हिसार/राजेश सलूजा/07 जुलाई 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
दंत चिकित्सा के क्षेत्र में हिसार की डॉ. मेघा चावला ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर शहर का नाम रोशन किया है। श्री तिरुपति डेंटल क्लिनिक एंड इम्प्लांट सेंटर की संचालिका डॉ. मेघा चावला को इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ ओरल इम्प्लांटोलॉजिस्ट्स (यूएसए) की ओर से प्रतिष्ठित एफआईसीओआई (फेलोशिप ऑफ द इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ ओरल इम्प्लांटोलॉजिस्ट्स) सम्मान प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि दंत चिकित्सा के क्षेत्र में उनके समर्पण, विशेषज्ञता और आधुनिक उपचार पद्धतियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
आधुनिक दंत चिकित्सा को बढ़ावा देना उद्देश्य
डॉ. मेघा चावला ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गौरव के साथ-साथ मरीजों को बेहतर दंत चिकित्सा सेवाएं देने की जिम्मेदारी भी बढ़ाता है। दंत चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार नई तकनीकें और उपचार पद्धतियां विकसित हो रही हैं। ऐसे में चिकित्सकों के लिए अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि आधुनिक दंत चिकित्सा एवं दंत प्रत्यारोपण संबंधी सुविधाओं का लाभ हिसार और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अपने शहर में ही उपलब्ध हो।
दांतों की समस्या को नजरअंदाज न करें
डॉ. मेघा चावला ने दंत स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि लोग अक्सर दांतों की समस्या को तब तक नजरअंदाज करते रहते हैं, जब तक दर्द या परेशानी गंभीर न हो जाए। दांतों में दर्द, मसूड़ों से खून आना, मुंह से दुर्गंध, संवेदनशीलता, दांतों का हिलना या चबाने में परेशानी जैसे लक्षणों को सामान्य मानकर टालना उचित नहीं है। शुरुआती अवस्था में समस्या की पहचान होने पर उपचार अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
रात को ब्रश करना भी बेहद जरूरी
उन्होंने कहा कि दांतों की देखभाल में रात को सोने से पहले दांतों की अच्छी तरह सफाई करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। दिनभर भोजन के बाद दांतों पर जमा खाद्य कण और जीवाणु साफ किए बिना सोने से दांतों एवं मसूड़ों की समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। सही तकनीक से दांतों की सफाई करने के साथ-साथ उचित ब्रश का चयन और उसकी स्वच्छता पर भी ध्यान देना चाहिए।
छह माह में करवाएं दांतों की जांच
डॉ. मेघा चावला ने लोगों से अपील की कि दर्द होने का इंतजार करने के बजाय लगभग हर छह माह में दंत चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए। नियमित जांच से दांतों और मसूड़ों की समस्याओं का शुरुआती स्तर पर पता लगाया जा सकता है। उन्होंने बच्चों के दंत स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हुए अभिभावकों से बचपन से ही सही तरीके से दांतों की सफाई, संतुलित खान-पान और नियमित दंत जांच की आदत विकसित कराने का आह्वान किया।
स्वस्थ दांत बेहतर जीवन के लिए जरूरी
डॉ. मेघा चावला ने कहा कि स्वस्थ दांत केवल सुंदर मुस्कान के लिए ही नहीं, बल्कि भोजन को ठीक से चबाने, आत्मविश्वास और बेहतर जीवन गुणवत्ता के लिए भी जरूरी हैं। आधुनिक तकनीक ने दंत उपचार को अधिक सटीक और सुविधाजनक बनाया है, लेकिन जागरूकता और समय पर जांच भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। एफआईसीओआई (यूएसए) सम्मान मिलने पर डॉ. मेघा चावला को मरीजों, शुभचिंतकों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने बधाई दी।