हिसार में रोडवेज कर्मचारियों की चेतावनी: मांगें नहीं मानी गईं तो 5 सितंबर को होगी प्रदेशव्यापी हड़ताल

हिसार में रोडवेज कर्मचारियों की चेतावनी: मांगें नहीं मानी गईं तो 5 सितंबर को होगी प्रदेशव्यापी हड़ताल

हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने सरकार को सख्त चेतावनी दी है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी लंबित मांगों का समाधान जल्द नहीं किया गया तो पांच सितंबर को प्रदेशभर में राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसी कड़ी में गुरुवार को मोर्चे के पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत हिसार डिपो में कर्मचारियों ने दो घंटे प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने डिपो महाप्रबंधक को परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और अपना रोष जताया।

प्रदर्शन और परिवहन मंत्री पर वादाखिलाफी के आरोप

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इस प्रदर्शन का नेतृत्व संदीप जैनावास, अजय दुहन, अरुण शर्मा और बजरंग लाखा ने किया। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के आवास के घेराव के दौरान मंत्री ने कर्मचारियों के बीच पहुंचकर आश्वासन दिया था कि 15 दिन में मांगों को लेकर बैठक बुलाई जाएगी। हालांकि निर्धारित समय बीतने के बाद भी बैठक के संबंध में कोई पत्र जारी नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में भारी रोष देखा जा रहा है। नेताओं ने बताया कि 13 अगस्त को प्रदेश के सभी रोडवेज डिपो में दो घंटे का विरोध प्रदर्शन करके सरकार को चेताया गया है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें और रिक्त पदों पर भर्ती

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में चालक, परिचालक, हेल्पर और मैकेनिक सहित हजारों रिक्त पदों पर भर्ती करना शामिल है। इसके अलावा परिचालकों और चालकों का वेतनमान बढ़ाना, परिचालकों को लिपिकों की तर्ज पर तीन वेतनवृद्धियां देना तथा जोखिम भत्ता देना भी मांग में शामिल है। 2016 में भर्ती चालकों को नियमित करने और 2018 में भर्ती कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति देने की मांग उठाई गई। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से लगे परिचालकों सहित सभी कर्मचारियों को नियमित करने और स्टैंड प्रभारी का पद सृजित करने की मांग भी की गई है।

इलेक्ट्रिक बसों की ठेका व्यवस्था समाप्त करने की मांग

कर्मचारियों ने इलेक्ट्रिक बसों की ठेका व्यवस्था समाप्त करने, अर्जित अवकाश का लाभ बहाल करने, कार्यालय सहायकों के पद बढ़ाने तथा लिपिकों की पदोन्नति की मांग भी प्रमुखता से उठाई है। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे आंदोलन करके आम जनता को परेशान नहीं करना चाहते हैं। हालांकि सरकार की बेरुखी के कारण उन्हें मजबूरन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने साफ कहा कि यदि मांगों पर जल्द वार्ता और समाधान नहीं हुआ तो पांच सितंबर की राज्यव्यापी हड़ताल तय है।

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