एचकेआरएन के मुद्दे पर भाजपा ने कांग्रेस पर किया पलटवार और बताया ठेकेदारी प्रथा का जनक

हरियाणा में युवाओं को नौकरी प्रदान करने के मुद्दे पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी तथा विपक्षी दल कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस की तरफ से बुधवार को पंचकूला में हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कार्यालय का घेराव किया गया। इसके बाद भाजपा ने सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर पलटवार करना शुरू कर दिया है।
भाजपा ने कांग्रेस को बताया ठेकेदारी प्रथा का जनक
भाजपा ने हरियाणा में कांग्रेस को ठेकेदारी प्रथा का जनक बताकर घेरा है। भाजपा ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर लगातार अलग-अलग विधायकों और नेताओं की तरफ से पोस्ट जारी किए। इन पोस्ट में कहा गया कि जिन लोगों ने हरियाणा में ठेकेदारी प्रथा को जन्म दिया था, उन्होंने ही ठेकेदारों के जरिए युवाओं की मेहनत की कमाई पर कट लगवाए। डी.सी. रेट के नाम पर फिक्स रकम और वेतन कटौती का खेल चलाया गया तथा नौकरियों में सिफारिश का रास्ता खोला गया। आज वही लोग एचकेआरएन पर सवाल खड़े कर रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं।
एचकेआरएन की स्थापना और वर्तमान कार्यप्रणाली
हरियाणा भाजपा ने दावा किया है कि कांग्रेस और इनेलो के शासन में चली ठेकेदारी व्यवस्था के खिलाफ जब लगातार शिकायतें सामने आईं, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसका संज्ञान लिया। 13 अक्टूबर 2021 को एचकेआरएन का पंजीकरण हुआ और 1 नवंबर 2021 को पोर्टल लॉन्च किया गया। इसके बाद लाखों युवाओं ने एचकेआरएन पोर्टल पर पंजीकरण कराया। इसके माध्यम से युवाओं को सरकारी विभागों के साथ-साथ विभिन्न रोजगार अवसरों तक पहुंच मिली। आज मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी के नेतृत्व में सरकार एचकेआरएन कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी और रोजगार व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
आरक्षण और पारदर्शिता का मुद्दा
आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए सरकार ने कहा है कि जब ठेकेदारों के जरिए नियुक्तियां होती थीं, तब मेरिट, आरक्षण और पारदर्शिता कहां थी। आज एचकेआरएन में पीपीपी के माध्यम से सत्यापन, पात्रता और मेरिट आधारित व्यवस्था को महत्व दिया जा रहा है। वहीं नियमित सरकारी भर्तियों में आरक्षण और संवैधानिक नियम पूरी तरह लागू हैं। युवाओं को ठेकेदार, सिफारिश और शोषण नहीं बल्कि पारदर्शिता, मेरिट, सम्मान और सुरक्षा चाहिए।
रोजगार मेलों और सहायता से जुड़ी घोषणाएं
इस बीच भाजपा के एक विधायक ने सोशल मीडिया एक्स पर बताया कि पिछले पांच वर्षों में 1150 रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे। इन मेलों में 44 हजार 500 प्लेसमेंट का लक्ष्य तय किया गया है। इससे एक लाख 61 हजार युवाओं को रोजगार का लाभ मिलेगा। साथ ही सीईटी पास युवाओं को जल्द ही 9000 मासिक सहायता मिलेगी।