हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग करने और स्थाई नौकरी की मांग को लेकर कांग्रेस का पंचकूला में धरना

हरियाणा सरकार द्वारा चलाए जा रहे हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) को बंद करने तथा इसके माध्यम से अब तक भर्ती हुए कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की मांग को लेकर बुधवार को हरियाणा कांग्रेस सडक़ों पर उतरी। इस प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा और कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र ने किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में पंचकूला स्थित एचकेआरएन मुख्यालय के बाहर कांग्रेस ने कई घंटे तक जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना दिया। इस धरने में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कई सांसद और विधायक उपस्थित रहे। हालांकि, दिल्ली की बैठक का हवाला देते हुए रणदीप सिंह सुरजेवाला और कुमारी सैलजा इस धरने में शामिल नहीं हो पाए।
राव नरेंद्र सिंह ने रोजगार के आंकड़ों पर उठाए गंभीर सवाल
धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा के युवाओं ने अपनी मेहनत और योग्यता के बल पर रोजगार हासिल किया है। लेकिन भाजपा सरकार ने रोजगार की स्थाई व्यवस्था करने के बजाय युवाओं को अस्थायी रोजगार के चक्र में फंसा दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार 2024 के अपने संकल्प पत्र में करीब 1.20 लाख रोजगार देने का दावा करती है। लेकिन रोजगार के आंकड़ों की वास्तविकता सरकार के इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। फरवरी 2026 तक करीब 14.63 लाख युवाओं ने एचकेआरएन में अपना पंजीकरण कराया, जबकि केवल 1.13 लाख लोगों को ही तैनाती मिल पाई है। इनमें भी 97,051 कर्मचारी ऐसे हैं जो पहले से ही कार्यरत थे। इस प्रकार सरकार द्वारा बताए जा रहे रोजगार के आंकड़ों में नए रोजगार की वास्तविक संख्या बेहद कम है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एचकेआरएन को तुरंत भंग करने की मांग की
राव नरेंद्र सिंह ने आगे बताया कि वर्ष 2024 में नई तैनाती का आंकड़ा महज 7,367 था। इसके बाद वर्ष 2025 में 1,034 लोगों को और वर्ष 2026 में अब तक केवल 66 लोगों को ही तैनाती मिली है। इन सभी आंकड़ों से यह पूरी तरह साफ हो जाता है कि लाखों पंजीकृत युवाओं के बावजूद सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के युवाओं को स्थाई रोजगार और एक सम्मानजनक भविष्य देना सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। हुड्डा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस की मुख्य मांग है कि एचकेआरएन को तुरंत प्रभाव से भंग किया जाए। जो कर्मचारी पहले से ही भर्ती हैं, उन्हें नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर जॉब सिक्योरिटी दी जाए और साथ ही वेतन वृद्धि तथा भत्तों का पूरा लाभ प्रदान किया जाए।
विधानसभा में भी उठाया जाएगा एचकेआरएन कर्मचारियों का यह मुद्दा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं इस धरना कार्यक्रम के संयोजक अशोक अरोड़ा ने कहा कि एचकेआरएन कर्मचारियों की समस्याएं केवल कुछ कर्मचारियों की समस्याएं नहीं हैं। यह प्रदेश के लाखों परिवारों के भविष्य से जुड़ा हुआ एक बहुत बड़ा विषय है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र के दौरान भी जोर-शोर से उठाया जाएगा। इस धरने को कई अन्य बड़े नेताओं ने भी संबोधित किया। धरने को संबोधित करने वाले प्रमुख नेताओं में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा, वरुण मुलाना, सतपाल ब्रह्मचारी, राज्य सभा सांसद कर्मवीर बोद्ध, हरियाणा कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष चौधरी बीरेंद्र सिंह, चौधरी उदय भान, विधायक बी. बी. बत्रा, गीता भुक्कल, चौधरी आफताब अहमद और आदित्य सुरजेवाला शामिल रहे।