हरियाणा कौशल रोजगार निगम युवाओं और कर्मचारियों के शोषण का अड्डा बना : राव नरेंद्र सिंह, 19 अगस्त को होगा एचकेआरएन कार्यालय का घेराव

हरियाणा कौशल रोजगार निगम युवाओं और कर्मचारियों के शोषण का अड्डा बना : राव नरेंद्र सिंह, 19 अगस्त को होगा एचकेआरएन कार्यालय का घेराव

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि जिस निगम का गठन युवाओं को रोजगार देने, कर्मचारियों को सम्मान दिलाने और ठेकेदारी प्रथा से मुक्ति दिलाने के नाम पर किया गया था, वह आज अस्थाई रोजगार, असुरक्षा और शोषण का माध्यम बनकर रह गया है। 19 अगस्त को कांग्रेस पार्टी की तरफ से चंडीगढ़ स्थित एचकेआरएन कार्यालय का घेराव किया जाएगा। सरकार से मांग की गई है कि वर्ष 2022 से अब तक वसूले गए सर्विस चार्ज का विभागवार श्वेत पत्र जारी किया जाए।

चंडीगढ़ मुख्यालय पर प्रेस वार्ता में दिए गए आंकड़े

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गुरुवार को चंडीगढ़ मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2021 में हरियाणा कौशल रोजगार निगम की स्थापना की गई थी। वर्ष 2022 में इस निगम ने अपना काम शुरू किया था। उस समय सरकार ने बहुत बड़े-बड़े दावे किए थे। सरकार ने समान काम और समान वेतन देने का वादा किया था। सरकार ने ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करने की बात कही थी। सरकार ने कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देने का वादा किया था। लेकिन जमीनी हकीकत इन सभी दावों के बिल्कुल विपरीत है।

रोजगार के आंकड़ों की वास्तविकता पर सवाल

सरकार अपने 2024 के संकल्प पत्र में करीब 1.20 लाख रोजगार देने का दावा करती है। लेकिन रोजगार के आंकड़ों की वास्तविकता सरकार के इन दावों पर बहुत गंभीर सवाल खड़े करती है। फरवरी 2026 तक करीब 14.63 लाख युवाओं ने एचकेआरएन पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया था। इनमें से केवल 1.13 लाख लोगों को ही तैनाती मिल पाई है। इन तैनात लोगों में भी 97,051 कर्मचारी ऐसे हैं जो पहले से ही कार्यरत थे। इस वजह से सरकार द्वारा बताए जा रहे रोजगार के आंकड़ों में नए रोजगार की वास्तविक संख्या बेहद कम है।

वर्षवार तैनाती के आंकड़े आए सामने

राव नरेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2024 में नई तैनाती का आंकड़ा महज 7,367 था। इसके बाद वर्ष 2025 में केवल 1,034 लोगों को तैनाती मिली। वर्ष 2026 में अब तक केवल 66 लोगों की ही तैनाती हो पाई है। इन सभी आंकड़ों से यह बात बिल्कुल साफ हो जाती है कि लाखों युवाओं के पंजीकरण के बावजूद सरकार रोजगार देने के मामले में पूरी तरह से विफल रही है।

19 अगस्त को होगा एचकेआरएन कार्यालय का घेराव और सर्विस चार्ज पर श्वेत पत्र की मांग

राव नरेंद्र सिंह ने औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि 19 अगस्त को चंडीगढ़ स्थित एचकेआरएन कार्यालय का बड़ा घेराव किया जाएगा। इस मौके पर विधायक आदित्य सुरजेवाला ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि कर्मचारियों से वसूले जा रहे 1 प्रतिशत सर्विस चार्ज से वर्ष 2022 से लेकर अब तक विभागवार कुल कितनी राशि एकत्र की गई है। इस एकत्र की गई राशि का उपयोग विभागवार कहां-कहां किया गया है, सरकार इसका पूरा श्वेत पत्र सार्वजनिक करे।

जॉब सिक्योरिटी बिल और पुरानी तर्ज पर नियमितीकरण की मांग

विधायक सुरजेवाला ने बताया कि नवंबर 2024 में जॉब सिक्योरिटी बिल पारित किया गया था। उसी समय उन्होंने इस बिल में एक संशोधन का प्रस्ताव रखा था। उनका प्रस्ताव यह था कि नौकरी में पांच साल की सेवा की शर्त को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाना चाहिए। कांग्रेस पार्टी की पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान बहुत बड़ी संख्या में कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया गया था। उसी पुरानी तर्ज पर अब एचकेआरएन के इन कर्मचारियों को भी पक्की नौकरी की सुरक्षा दी जानी चाहिए।

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