न्यूयॉर्क की हडसन नदी में तैरती बर्फ और सड़कों पर बर्फ के ढेर

Atal Hind30 January 20266 min read0 viewsअंतराष्ट्रीय
न्यूयॉर्क की हडसन नदी में तैरती बर्फ और  सड़कों पर बर्फ के ढेर
विवेक रंजन श्रीवास्तव-विभूति फीचर्स
            जनवरी की तेज़ शीत लहर के बाद डसन नदी (Hudson River)पर बर्फ की मोटी सिल्लियां तैर रही हैं, मानो पानी नहीं बल्कि सफेद संगमरमर की पट्टियाँ बह रही हों। न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के तट से दिखती यह नदी अब ठंड की भयावहता और दर्शनीयता का अजब दस्तावेज़ बन गई है। इन दिनों शहर की सड़कों पर जगह‑जगह नमक या शक्कर के बूरे जैसे इकट्ठे किए गए  ऊँचे ढेर हैं । जिनके बीच से स्नो प्लॉइंग मशीनें संकरी पट्टी बनाकर यातायात के लिए रास्ता निकाल रही हैं। तेज़ तूफ़ानी बर्फबारी के बाद मैनहैटन व जर्सी सिटी की काँच की गगनचुंबी इमारतें धुंधली सफेद चादर में लिपटी दिखती हैं, जबकि हडसन पर जमी बर्फ को तोड़ते जहाज़ ठिठुरते आसमान के नीचे अपने लिए राह बना रहे हैं।
 *यह स्नो स्टॉर्म क्या है?*
         स्नो स्टॉर्म उस स्थिति को कहते हैं जब कम समय में तेज़ हवा के साथ भारी हिमपात हो और दृश्यता बहुत घट जाए, सड़कें‑रेलमार्ग जाम हो जाएँ और सामान्य जीवन बाधित हो।  न्यूयॉर्क क्षेत्र में ऐसे तूफ़ान प्रायः उत्तरी अटलांटिक से आने वाले लो‑प्रेशर सिस्टम, जिन्हें नॉर’ईस्टर भी कहा जाता है, के कारण बनते हैं।
          इस बार के तूफ़ान में अमेरिका के कई राज्यों में एक फुट या उससे अधिक ऊंचाई की बर्फबारी दर्ज की गई है ।न्यूयॉर्क सिटी क्षेत्र में भी लगभग दर्जन भर इंच तक बर्फ जमी, जिससे स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएँ चलानी पड़ीं और हज़ारों हवाई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। हडसन के किनारे होबोकेन और जर्सी सिटी से दिखने वाला नदी का जमी हुई सतह जैसा दृश्य इसी व्यापक बर्फबारी और लम्बे समय तक माइनस  तापमान का संयुक्त नतीजा है।
 *कैसे और क्यों बनती है स्नो?*
           वैज्ञानिक दृष्टि से आम वर्षा और हिमपात की बुनियाद एक ही है, नम हवा ऊपर उठती है, ठंडी होती है, उसमें मौजूद जलवाष्प संघनित होकर बादल बनाता है और फिर तापमान के अनुसार बूंद या क्रिस्टल के रूप में गिरता है। जब बादल के भीतर और ज़मीन के पास का तापमान शून्य से नीचे हो, तो जल कण बर्फीले क्रिस्टल बन जाते हैं, यही हिमकण या स्नोफ्लेक्स कहलाते हैं।
          अमेरिका के उत्तर‑पूर्व में, खासकर ग्रेट लेक्स और अटलांटिक के प्रभाव वाले क्षेत्रों में, बेहद ठंडी और अपेक्षाकृत सूखी हवा जब अपेक्षाकृत गर्म झीलों या समुद्र के ऊपर से गुजरती है, तो पानी से उठती नमी उसे गाढ़ा कर देती है और घने बर्फीले बादल तैयार होते हैं।  इसे लेक‑इफेक्ट स्नो कहा जाता है, जो संकरी पट्टियों में बहुत तेज़ बर्फ गिरा सकता है, यानी एक इलाक़ा साफ़ और कुछ मील दूर का इलाक़ा बर्फ से पटा हो सकता है।
       इस समय पूर्वी अमेरिका पर जेट स्ट्रीम में गहरा झुकाव देखा गया, जिसने कनाडा की दिशा से अत्यंत ठंडी हवा को पूर्वी तट की तरफ धकेला और उसी के साथ महासागर पर बना निम्न दबाव तंत्र न्यूयॉर्क की ओर मुड़कर तेज़ हिमपात का कारण बना। लगातार कई दिनों तक तापमान शून्य से नीचे रहने से न सिर्फ़ ज़मीन, बल्कि हडसन जैसी ज्वारीय नदी की सतह पर भी बड़े‑बड़े बर्फीले तैरते टुकड़े बन गए। पर्यटकों के लिए यह स्नो फॉल प्रारंभिक मजे और आकर्षण का विषय हो सकता है, किन्तु लगातार बर्फबारी कुदरत का कहर ही है।
*हडसन नदी(Hudson River) की बर्फ और शहर की चुनौतियाँ*
              हडसन नदी पूरी तरह झील की तरह ठोस नहीं जमती, लेकिन उसके ऊपरी हिस्सों में जमी मोटी बर्फ नीचे की ओर बहकर न्यूयॉर्क महानगर के सामने वाले हिस्से में आकर तैरती दिखती है। नदी की ज्वार‑भाटा और तेज़ धारा इन बर्फीले टुकड़ों को आगे‑पीछे हिलाती रहती है, जिससे पानी की सतह पर आजकल चलती‑फिरती सफेद पट्टियों जैसा दृश्य दिखाई दे रहा है।
        जहाज़ों और फेरी सेवाओं के लिए यह बर्फ चुनौती बन जाती है, इसलिए कई बार आइस‑ब्रेकिंग नौकाएँ रास्ता बनाती हैं ताकि आवश्यक जल यातायात जारी रह सके।  दूसरी ओर शहर के भीतर, सड़कों पर जमी मोटी बर्फ को हटाने के लिए सैकड़ों स्नो प्लॉज और साल्ट‑स्प्रेडर मशीनें तैनात कर दी जाती हैं, जो लगातार सड़क पर जमी बर्फ को धकेलकर किनारों पर ढेर बना देती हैं।
              बर्फ बारी की मौसमी अनुमान के साथ ही रातों रात चुस्त नागरिक व्यवस्था सड़कों पर खड़े नमक का छिड़काव करती हैं, जिससे बर्फ स्थाई सतह न बना सके तथा उसे अपेक्षाकृत कम मेहनत से हटाया जा सके ।
इन सफेद ढेरों के बीच पैदल चलने वालों, साइकिल चालकों और वाहनों के लिए मार्ग बनाना प्रशासन की उच्च प्राथमिकता होती है, क्योंकि बर्फ जम जाने पर उस पर चलना फिसलन भरा और दुर्घटनाग्रस्त होने की दृष्टि से बेहद ख़तरनाक हो जाता है।
*बचाव, तैयारी और नागरिकों की जिम्मेदारी*
        भारी हिमपात के पूर्वानुमान के साथ ही नगर प्रशासन ‘मेजर स्नोस्टॉर्म कंडीशन’ या समान चेतावनियाँ जारी करता है, जिसके अंतर्गत लोगों को अनावश्यक यात्रा न करने, घर में सुरक्षित रहने और आवश्यक खान पान की वस्तुओं का पहले से प्रबंध करने की सलाह दी जाती है।  स्कूल कई बार पूरी तरह बंद कर दिए जाते हैं या ऑनलाइन शिक्षा शुरू कर दी जाती है, सार्वजनिक पुस्तकालयों और संग्रहालयों जैसे संस्थान भी अस्थायी रूप से ताले में चले जाते हैं।
              सड़कों पर बचाव के लिए मुख्य व्यवस्था तीन स्तरों पर होती है:
– समय से पहले सड़क पर नमक या केमिकल डालकर बर्फ को चिपकने से रोकना।
– तेज़ बर्फबारी के दौरान लगातार स्नो प्लॉइंग कर रास्ता खुला रखना।
– आपातकालीन सेवाओं,एम्बुलेंस, फ़ायर ब्रिगेड, पुलिस, के लिए प्राथमिकता वाले मार्ग निर्धारित करना, ताकि संकट के समय देरी न हो।
          नागरिकों की भी कुछ बुनियादी जिम्मेदारियाँ होती हैं, जैसे घर के बाहर की सीढ़ियों व फुटपाथ से बर्फ हटाना, सही विंटर कपड़े, लेयर वाले गर्म वस्त्र, वाटरप्रूफ जूते, दस्ताने, टोपी, का उपयोग करना और कार चलाते समय गति कम रखना, पर्याप्त दूरी बनाकर ब्रेक लगाना। वृद्ध, बीमार, या अकेले रहने वाले पड़ोसियों की खैर‑ख़बर लेना भी ऐसी आपदा में मानवता का अनिवार्य हिस्सा बन जाता है।
          सड़कों से हटाई गई बर्फ को मुख्य रूप से निर्धारित स्नो डंप साइटो, बड़े खाली मैदानों, स्नो फार्म्स में जमा किया जाता है या विशेष मशीनों से पिघलाकर सीवर में बहाया जाता है। प्रदूषित होने के कारण इसे सीधे नदियों में फेंकने से बचा जाता है। इस व्यापक सफल व्यवस्था से ही शहर जीवंत बना हुआ नजर आता है। (लेखक इन दिनों न्यूयॉर्क में हैं। *(विभूति फीचर्स)
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