जूनियर एशिया कप हॉकी: भारत ने पहले मुकाबले में इंडोनेशिया को 14-0 से रौंदा

जूनियर एशिया कप हॉकी: भारत ने पहले मुकाबले में इंडोनेशिया को 14-0 से रौंदा

भारत ने मेइकाई चीन में खेले गए जूनियर एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के अपने पहले मुकाबले में इंडोनेशिया को 14-0 से करारी शिकस्त दी है। डिफेंडिंग चैंपियंस के तौर पर टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरुआत करते हुए भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस बड़ी जीत से क्षेत्रीय टूर्नामेंट में अपनी बादशाहत बनाए रखने की डिफेंडिंग चैंपियंस की कोशिशों को एक बड़ा बढ़ावा मिला है।

प्रभदीप सिंह और अनमोल एक्का का शानदार प्रदर्शन

मैच में टैक्टिकल ऑफेंस का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रभदीप सिंह ने पांच गोल दागे। वहीं कप्तान अनमोल एक्का ने चार गोल किए और अजीत यादव ने हैट्रिक बनाते हुए तीन गोल का योगदान दिया। इन तीनों खिलाड़ियों ने मिलकर टीम के कुल 14 में से 12 गोल दागे जिससे नेट के सामने उनकी व्यक्तिगत दक्षता साफ दिखाई देती है। इसके अलावा हरपाल और आशु मौर्य ने टीम के लिए शेष दो गोल सुरक्षित किए।

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विभिन्न तरीकों से किए गए गोल

मैच में स्कोरिंग का यह आक्रामक प्रदर्शन किसी एक टैक्टिकल एप्रोच के बजाय विभिन्न तरीकों पर आधारित था। अंतिम स्कोर में ओपन प्ले से नौ गोल, पेनल्टी कॉर्नर से चार गोल और पेनल्टी स्ट्रोक से एक गोल शामिल रहा। कोच इस विविधता को एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखते हैं जिससे यह साबित होता है कि टीम विभिन्न डिफेंसिव एलाइनमेंट के खिलाफ स्कोर करने के लिए कई रास्ते ढूंढ सकती है।

क्वार्टर दर क्वार्टर बनाई गई बढ़त

भारतीय टीम ने मैच के हर क्वार्टर में गोल करते हुए शुरुआत से ही नियंत्रण स्थापित कर लिया था। हाफ टाइम तक टीम के पास 6-0 की बढ़त थी जिसने खेल की शुरुआत में ही परिणाम को लगभग तय कर दिया था। उनका सबसे शानदार दौर खेल के अंतिम 15 मिनट के दौरान आया जहां उन्होंने थक चुके विरोधियों का फायदा उठाते हुए पांच और गोल जोड़े।

मुकाबले के दौरान बनी रही मैदान की तीव्रता

मैच के आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा टीम की तीव्रता कम नहीं हुई। खेल लंबा खींचने के कारण इंडोनेशिया को अपनी डिफेंसिव स्ट्रक्चर बनाए रखने में संघर्ष करना पड़ा जिससे भारत को अपने सर्कल एंट्रीज को निष्पादित करने के लगातार अवसर मिलते रहे। कोचिंग स्टाफ का मानना है कि इस अंतिम तेजी से यह साबित होता है कि टीम कमजोर पड़ रही टीमों के खिलाफ अपनी शारीरिक गति को बनाए रख सकती है।

अगली चुनौती और पूल स्टैंडिंग्स

रविवार को भारतीय टीम के सामने जापान के खिलाफ सुबह 8:30 बजे आईएसटी पर एक बहुत कठिन परीक्षा होगी। हॉकी इंडिया के आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार उस मुकाबले के बाद भारत 8 सितंबर को सुबह 6:30 बजे आईएसटी पर कोरिया से और 9 सितंबर को सुबह 6:30 बजे आईएसटी पर चीनी ताइपे से खेलेगा। ये आगामी मैच पूल ए में अंतिम स्टैंडिंग्स का निर्धारण करेंगे।

पूल की स्थिति और आगे का दबाव

वर्तमान पूल स्टैंडिंग्स में कोरिया दो मैचों में छह अंकों और प्लस 19 गोल अंतर के साथ शीर्ष पर है। जापान के अंकों के बराबर ही भारत के पास एक मैच में तीन अंक और प्लस 14 का गोल अंतर है। हालांकि इंडोनेशिया पर मिली 14-0 की जीत से एक उपयोगी गोल अंतर कुशन मिला है, लेकिन अब भारत को समान रूप से मजबूत मुकाबलों के दबाव में प्रदर्शन करना होगा।

कुलीन प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ प्रगति का माप

चीन के मेइकाई में टूर्नामेंट की स्थितियों से स्थापित कार्यक्रमों और विकासशील टीमों के बीच एक स्पष्ट विभाजन का पता चलता है। इंडोनेशिया ने अपने पहले दो मैचों में बिना एक भी गोल किए 23 गोल खाए हैं। इस तरह के एकतरफा अंतर से यह संकेत मिलता है कि भारतीय टीम की वास्तविक गुणवत्ता तभी स्पष्ट होगी जब वे जापान और कोरिया जैसे विरोधियों का सामना करेंगे।

मैन ऑफ द मैच और आगामी शेड्यूल

पाँचवें मिनट में पहला गोल करने वाले प्रभदीप सिंह ने प्लेयर ऑफ़ द मैच का सम्मान हासिल किया। अनमोल एक्का के नेतृत्व के साथ उनका यह प्रदर्शन कोचिंग स्टाफ को उनके आगामी टैक्टिकल बदलावों के लिए विकल्प देता है। यह टूर्नामेंट 13 सितंबर तक जारी रहेगा और इसके सेमीफाइनल्स 11 सितंबर को निर्धारित हैं।

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