भारत महिला हॉकी टीम ने जीता Junior Hockey Asia Cup, फाइनल में चीन को 1-0 से हराया

भारत महिला हॉकी टीम ने जीता Junior Hockey Asia Cup, फाइनल में चीन को 1-0 से हराया

भारत ने एएचएफ जूनियर एशिया कप 2026 का खिताब जीत लिया है। यह जीत रविवार, 13 सितंबर 2026 को मोइकी ट्रेनिंग बेस पर मेजबान चीन के खिलाफ 1-0 के रोमांचक मुकाबले में मिली।

ऐतिहासिक जीत और वर्ल्ड कप में एंट्री

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यह जीत टीम के लिए लगातार तीसरी महाद्वीपीय चैंपियनशिप है। इस शानदार जीत के साथ ही टीम ने आगामी एफआईएच जूनियर वर्ल्ड कप में अपनी जगह पक्की कर ली है। मैच के 17वें मिनट में सैनिका चंद्रकांत माने ने निर्णायक गोल दागा। भारत ने बाकी के तीन क्वार्टर तक इस मामूली बढ़त को बनाए रखा। इसके साथ ही टीम ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच हारे बिना अपना सफर समाप्त किया। यह जानकारी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार सामने आई है।

खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा

इस जीत से जूनियर प्रोग्राम को एक बड़ा प्रोत्साहन मिला है क्योंकि अब टीम वैश्विक प्रतिस्पर्धा की ओर देख रही है। हॉकी इंडिया ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के माध्यम से इस उपलब्धि की पुष्टि की। हॉकी इंडिया ने टीम को लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने पर जश्न मनाया। विकिपीडिया ने एफआईएच डेटा का उपयोग करते हुए भारत को टूर्नामेंट का विजेता बताया है। इस सूची में चीन उपविजेता और जापान तीसरे स्थान पर है। ट्रॉफी के अलावा फेडरेशन ने यात्रा करने वाले दल के लिए ठोस वित्तीय पुरस्कारों की घोषणा की है। हॉकी इंडिया ने बयान दिया कि प्रत्येक खिलाड़ी को 3 लाख रुपये मिलेंगे। प्रत्येक सपोर्ट स्टाफ सदस्य को 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे। आधिकारिक रिलीज में दर्ज इन आंकड़ों के अनुसार यह फेडरेशन का घोषित भुगतान है।

शानदार प्रदर्शन और खिलाड़ियों के आंकड़े

पूरी प्रतियोगिता के दौरान टीम ने उल्लेखनीय निरंतरता का प्रदर्शन किया। टीम ने छह जीत और एक ड्रा दर्ज किया। सार्वजनिक टूर्नामेंट रिकॉर्ड के आधार पर उन्होंने कुल 47 गोल किए और केवल तीन गोल खाए। कप्तान खैदेम शिलेइमा चानू ने टीम का नेतृत्व किया। सैनिका चंद्रकांत माने ने शारिका रिमोन के साथ सात-सात गोल करके संयुक्त रूप से शीर्ष स्कोरर का स्थान हासिल किया। टिम व्हाइट 2026 की शुरुआत से ही टीम के कोच रहे हैं। एक ऐसे टूर्नामेंट में उनके नेतृत्व की कड़ी परीक्षा हुई जहां भारत को विविध चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इन चुनौतियों में पाकिस्तान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 19-0 की बड़ी जीत से लेकर चीन के खिलाफ कम स्कोर वाला कड़ा फाइनल मुकाबला शामिल था। सुप्रिया और पूर्णिमा यादव ने भी छह-छह गोल के साथ आक्रामक प्रयास में भारी योगदान दिया।

राष्ट्रीय कार्यक्रम पर प्रभाव और प्रायोजन

यह प्रदर्शन पुष्टि करता है कि सीनियर प्रशासन को प्रभावित करने वाली अन्य प्रशासनिक समस्याओं के बावजूद जूनियर पाइपलाइन उत्पादक बनी हुई है। भारतीय खेल प्राधिकरण और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय वह फंडिंग प्रदान करते हैं जो इस विकास प्रक्रिया को बनाए रखती है। इस बीच आधिकारिक खेल जर्सी पर प्रदर्शित टीम के प्रायोजक ओडिशा ने विजेता पक्ष के साथ अपने दृश्य जुड़ाव को बनाए रखा है। फाइनल हारने के बावजूद चीन शीर्ष चार टीमों में शामिल है और इसलिए वह भी वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर चुका है। मोइकी में कार्यक्रम के समापन के बाद एशियाई हॉकी महासंघ को अब अपने क्वालीफायर मिल गए हैं।

भविष्य की चुनौतियां और इंतजार

अंतर्राष्ट्रीय हॉकी कैलेंडर के अगले चरण की तैयारी के साथ ही टीम का इंतजार भविष्य की चुनौतियां कर रही हैं। वर्ल्ड कप में संक्रमण के संबंध में कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। पर्यवेक्षक यह ट्रैक कर रहे हैं कि वर्ल्ड कप की तारीखों की घोषणा होने पर इनमें से कितने वर्तमान जूनियर चयन के लिए पात्र बने रहेंगे। हॉकी इंडिया ने अभी तक कोई विशिष्ट समय सारणी प्रकाशित नहीं की है कि घोषित पुरस्कार राशि खिलाड़ियों और कर्मचारियों के बैंक खातों तक कब पहुंचेगी। टीम अब आधिकारिक वर्ल्ड कप ड्रा और कैलेंडर अपडेट का इंतजार कर रही है। जूनियर पुरुषों के बारे में आगे की रिपोर्टिंग भी की जाएगी जो उसी दिन मोइकी में खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। इस रिपोर्ट के लिए उपयोग किए गए स्रोतों में हॉकी इंडिया के आधिकारिक एक्स पोस्ट, आईएएनएस मैच रिपोर्ट, मातृभूमि इंग्लिश, भास्कर इंग्लिश, न्यू केरल और एफआईएच टूर्नामेंट रिकॉर्ड शामिल हैं।

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