इनेलो जिलाध्यक्ष अशोक ढाणीमाहू का 63 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन, पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार

इनेलो जिलाध्यक्ष अशोक ढाणीमाहू का 63 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन, पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार

इनेलो जिलाध्यक्ष अशोक ढाणीमाहू का 63 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन

पैतृक गांव ढाणीमाहू में किया गया अंतिम संस्कार, अंतिम यात्रा में उमड़ी विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों की भीड़

विष्णु शास्त्री/तोशाम /15 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के भिवानी जिलाध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठ व सक्रिय नेता अशोक ढाणीमाहू का मंगलवार सुबह अचानक निधन हो गया। वे 63 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्रवासियों में गहरा शोक छा गया। अशोक ढाणीमाहू लंबे समय से इनेलो पार्टी से मजबूती से जुड़े हुए थे और संगठन में उनकी गिनती एक कर्मठ नेता के रूप में होती थी।

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार अशोक ढाणीमाहू पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। हाल ही में दिल्ली के एक अस्पताल में उनके पैर का ऑपरेशन हुआ था और वे कुछ दिनों तक भिवानी के एक निजी अस्पताल में भी उपचाराधीन रहे थे। परिजनों ने बताया कि सोमवार रात को वे सामान्य रूप से सोए थे। मंगलवार सुबह जब परिवार के सदस्यों ने उन्हें जगाने का प्रयास किया तो उनका निधन हो चुका था। उनके अचानक इस तरह चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अशोक ढाणीमाहू अपने पीछे दो बच्चों, जिनमें एक बड़ी बेटी और एक छोटा बेटा है, सहित भरा-पुरा परिवार छोड़ गए हैं।

अशोक ढाणीमाहू के निधन का समाचार मिलते ही उनके आवास पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। मंगलवार दोपहर बाद उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव ढाणीमाहू में किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में इनेलो के वरिष्ठ नेताओं, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और हजारों ग्रामीणों ने भाग लिया। उपस्थित सभी लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

अशोक ढाणीमाहू के निधन पर इनेलो नेताओं और विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे पार्टी और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। नेताओं ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और कहा कि संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और जनसेवा के कार्यों को हमेशा याद रखा जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा भारी संख्या में ग्रामीण व अन्य लोग मौजूद रहे। इस शोक सभा में पूर्व मंत्री डा. वासुदेव शर्मा, हनुमान प्रसाद, ओमप्रकाश गौरा, धर्मपाल ओबरा, अजीत बडेसरा, डा. मनजीत ढुल, अधिवक्ता अश्विनी चौधरी, बंटी तंवर तिगड़ाना, जगराम साहब, अनिल काठपालिया, अजीत बागड़ी, कृष्ण मिताथल, अनिल बागनवाला, भूप सिंह बैराण, अनिल एडवोकेट, निशांत ढ़ांडा, जोगेंद्र बागनवाला, संदीप पंघाल, रण सिंह श्योराण, कमल प्रधान, दिलबाग चेयरमैन, दिलबाग, हरि सिंह, अधिवक्ता सत्यवान जांगड़ा, सुबे सिंह अटेला, उधम सिंह और जितेंद्र मिनी गौरीपुर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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