जाखल में किसानों का काले झंडों के साथ जोरदार प्रदर्शन, रेलवे निर्माण कार्यों के चलते शहर रहा पूरी तरह बंद

जाखल में किसानों का काले झंडों के साथ प्रदर्शन, शहर बंद
जाखल / 15 अगस्त 2026 /योगेश खनेजा /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जहां पूरा देश उत्सव मना रहा था, वहीं फतेहाबाद जिले के जाखल क्षेत्र में किसान, मजदूर, व्यापारी और ट्रांसपोर्टर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। विभिन्न संगठनों के आह्वान पर सभी प्रदर्शनकारियों ने हाथों में काले झंडे लेकर जाखल शहर में रोष मार्च निकाला और अपनी बांहों पर काली पट्टियां बांधकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस विरोध प्रदर्शन के पूर्ण समर्थन में जाखल शहर का बाजार और अधिकांश कामकाज पूरी तरह से बंद नजर आया।
प्रदर्शनकारियों का मुख्य मुद्दा जाखल क्षेत्र में रेलवे से जुड़े चल रहे निर्माण कार्यों के कारण स्थानीय नागरिकों, किसानों और ट्रांसपोर्टरों को आवाजाही में हो रही भारी असुविधा है। जाखल-भूना मार्ग पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज के कुछ हिस्से को ऊंचा उठाने का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही, जाखल-तलवाड़ा मार्ग पर रेलवे अंडरब्रिज का निर्माण कार्य भी लगातार जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन सभी निर्माण कार्यों की वजह से बड़े वाहनों के लिए जाखल शहर तक पहुंचने वाला मुख्य रास्ता बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
किसानों और ट्रांसपोर्टरों को अपने बड़े वाहनों को शहर के अंदर लाने के लिए अब पहले की तुलना में काफी अधिक लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इस समस्या के कारण वाहनों के आवागमन में ईंधन का खर्च तो बढ़ ही रहा है, साथ ही लोगों का बहुमूल्य समय भी बहुत अधिक बर्बाद हो रहा है। किसानों के सामने आने वाले धान के सीजन को लेकर चिंताएं काफी ज्यादा बढ़ गई हैं क्योंकि फसल मंडियों तक पहुंचानी होगी।
धान के सीजन को लेकर किसानों की बढ़ी चिंताएं
किसानों की सबसे बड़ी और गंभीर चिंता आने वाले धान के सीजन को लेकर बनी हुई है। किसानों का साफ कहना है कि जब धान की फसल पूरी तरह तैयार हो जाएगी, तब उसे सुरक्षित मंडी तक पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य बड़े वाहनों की भारी संख्या में आवाजाही होगी। ऐसी स्थिति में यदि वर्तमान रास्ते की यह गंभीर समस्या समय रहते दूर नहीं की गई, तो किसानों को अपनी फसल मंडी तक पहुंचाने में अतिरिक्त समय और अधिक पैसा खर्च करना पड़ेगा।
क्षेत्र के किसान संगठनों, व्यापारियों, ट्रांसपोर्टर्स और आम नागरिकों की मुख्य मांग है कि रेलवे ओवरब्रिज के साथ-साथ जनता के लिए एक अस्थायी रास्ता तुरंत उपलब्ध करवाया जाए। उनका यह भी कहना है कि यह वैकल्पिक रास्ता तब तक लगातार जारी रहना चाहिए, जब तक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य या उससे जुड़े अन्य सभी कार्य पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाते। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी यह मांग केवल एक वर्ग विशेष तक सीमित नहीं है।

जाखल शहर अधिकांश तौर पर बंद रहा।
अधिकारियों से बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किया प्रदर्शन
किसान नेता लाभ सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि किसान संगठनों की तरफ से इस गंभीर समस्या को लेकर संबंधित विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों से पहले ही मुलाकात की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के समक्ष अस्थायी रास्ता उपलब्ध करवाने की प्रमुख मांग रखी गई थी, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक कोई भी संतोषजनक समाधान सामने नहीं आया है। लाभ सिंह के अनुसार, जब बातचीत के लंबे माध्यम से भी समस्या का कोई समाधान नहीं निकला, तब जाकर सभी संगठनों को 15 अगस्त के दिन विरोध प्रदर्शन करने का यह कड़ा निर्णय लेना पड़ा।
आज के इस प्रदर्शन के मुख्य माध्यम से प्रशासन और संबंधित विभाग तक आम जनता की इस भारी परेशानी को पहुंचाने का पूरा प्रयास किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि अब सभी संबंधित संगठनों की दोबारा से एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में 15 सदस्यीय कमेटी की ओर से आगे की आगामी रणनीति को लेकर बड़ा फैसला लिया जाएगा। रोष प्रदर्शन की समाप्ति के उपरांत हुई बैठक में चर्चा के बाद लाभ सिंह ने बताया कि यदि 20 अगस्त तक प्रशासन की तरफ से कोई भी ठोस बात नहीं की जाती है, तो वे लोग फिर से किसी बड़े निर्णय को लेने के लिए मजबूर होंगे।
फिलहाल सभी संगठनों की ओर से कोई भी अगला अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य केवल प्रशासन से बातचीत के माध्यम से अस्थायी रास्ते की उचित व्यवस्था करवाना है, ताकि आगामी धान के सीजन में किसानों और दूसरे वाहन चालकों को किसी भी प्रकार की बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े। जाखल क्षेत्र के तमाम लोगों की निगाहें अब प्रशासन और संबंधित रेलवे विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि विकास कार्यों के लिए निर्माण कार्य बेहद जरूरी हैं, लेकिन निर्माण के दौरान एक वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है ताकि क्षेत्र की रोजमर्रा की आवाजाही और कृषि गतिविधियां किसी भी प्रकार से बाधित न हों। इस रोष प्रदर्शन के दौरान अंग्रेज सिंह तलवाड़ा, नवजोत सिंह विक्की, नसीब सिंह, हरविंदर सिंह, लखविंदर सिंह, आदित्य बंसल, संजय जिंदल, गोल्डी शर्मा, जोगिंदर पाल, नरेश कुमार, संजीव शर्मा, मंगत राम, जरनैल सिंह, विनोद कुमार, मोंटू जैन और अनिल कुमार सहित भारी संख्या में क्षेत्रवासी मौके पर मौजूद रहे।