जाखल में किसानों का काले झंडों के साथ प्रदर्शन, शहर बंद

Atal Hind Team Online15 August 20264 min read25 viewsफतेहाबाद
जाखल में किसानों का काले झंडों के साथ प्रदर्शन, शहर बंद

जाखल में काले झंडों के साथ किसानों का प्रदर्शन, शहर अधिकांशतः बंद

जाखल / फतेहाबाद / 15 अगस्त 2026 / अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

एक तरफ जहां शनिवार को पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस का पर्व उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा था, वहीं फतेहाबाद जिले के जाखल क्षेत्र में किसान, मजदूर, व्यापारी और ट्रांसपोर्टर अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। विभिन्न संगठनों के आह्वान पर प्रदर्शनकारियों ने जाखल शहर में काले झंडे लेकर मार्च किया और काली पट्टियां बांधकर अपना रोष जताया। प्रदर्शन के समर्थन में जाखल शहर अधिकांश तौर पर बंद रहा।

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प्रदर्शनकारियों का मुख्य मुद्दा जाखल क्षेत्र में रेलवे से जुड़े निर्माण कार्यों के कारण स्थानीय लोगों और खासकर किसानों तथा ट्रांसपोर्टरों को आने-जाने में हो रही परेशानी है। उनका कहना है कि जाखल-भूना मार्ग पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज के कुछ हिस्से को ऊंचा उठाने का काम चल रहा है। इसके साथ ही जाखल-तलवाड़ा मार्ग पर रेलवे अंडरब्रिज का निर्माण कार्य भी जारी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार इन निर्माण कार्यों के कारण बड़े वाहनों के लिए जाखल शहर तक पहुंचने का रास्ता प्रभावित हुआ है। किसानों और ट्रांसपोर्टरों को अपने बड़े वाहन शहर में लाने के लिए पहले की तुलना में अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे ईंधन का खर्च बढ़ने के साथ-साथ समय भी अधिक लग रहा है।

धान का सीजन शुरू होने से पहले बढ़ी चिंता

किसानों की सबसे बड़ी चिंता आने वाले धान के सीजन को लेकर है। किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार होने के बाद उसे मंडी तक पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य बड़े वाहनों की बड़ी संख्या में आवाजाही होती है। ऐसे में यदि मौजूदा रास्ते की समस्या दूर नहीं हुई तो किसानों को अपनी फसल मंडी तक पहुंचाने में अतिरिक्त समय और पैसा खर्च करना पड़ सकता है।

किसान संगठनों और क्षेत्र के लोगों की मांग है कि रेलवे ओवरब्रिज के साथ एक अस्थायी रास्ता उपलब्ध करवाया जाए। उनका कहना है कि यह वैकल्पिक रास्ता तब तक जारी रखा जाना चाहिए, जब तक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण या संबंधित कार्य पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांग किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है। रेलवे निर्माण कार्य के कारण किसानों के साथ-साथ ट्रांसपोर्टरों, व्यापारियों और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से विभिन्न संगठनों ने मिलकर विरोध प्रदर्शन का फैसला लिया।

अधिकारियों से बातचीत के बाद भी समाधान नहीं

किसान नेता लाभ सिंह ने कहा कि किसान संगठनों की ओर से इस समस्या को लेकर संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के सामने अस्थायी रास्ते की मांग रखी गई थी, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक समाधान सामने नहीं आया।

लाभ सिंह के मुताबिक, जब बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संगठनों को 15 अगस्त को विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज के प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन और संबंधित विभाग तक लोगों की परेशानी पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने कहा कि अब सभी संबंधित संगठनों की दोबारा संयुक्त बैठक होगी। इस बैठक में 15 सदस्यीय कमेटी की ओर से आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।

रोड जाम और रेल रोको का भी विकल्प

किसान नेता ने कहा कि यदि उनकी मांग पर जल्द कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी बैठक में रोड जाम और रेल रोको जैसे कदमों पर भी चर्चा हो सकती है।

हालांकि, फिलहाल संगठनों की ओर से अगला अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका प्राथमिक उद्देश्य प्रशासन से बातचीत के माध्यम से अस्थायी रास्ते की व्यवस्था करवाना है, ताकि धान के सीजन में किसानों और दूसरे वाहन चालकों को किसी बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।

जाखल क्षेत्र के लोगों की नजर अब प्रशासन और संबंधित रेलवे विभाग की अगली कार्रवाई पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य विकास के लिए जरूरी हैं, लेकिन निर्माण के दौरान वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करना भी उतना ही जरूरी है, ताकि क्षेत्र की रोजमर्रा की आवाजाही और कृषि गतिविधियां प्रभावित न हों।

अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स की रिपोर्ट के अनुसार, जाखल में 15 अगस्त को हुआ यह प्रदर्शन फिलहाल एक स्थानीय मांग को लेकर था। आगे की रणनीति पर संगठनों की संयुक्त बैठक के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

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