जाखल क्षेत्र की ताजा खबरें: चलती कार में लगी आग, घर में घुसा कोबरा और युवा रंगकर्मी डॉ. ऋषभ शर्मा की उपलब्धियां

जाखल क्षेत्र से आज की बड़ी खबरों में चांदपुरा हेड के पास चलती कार में शॉर्ट सर्किट से आग लगने, मास्टर कॉलोनी में घर के अंदर जहरीला स्पेक्टेकल्ड कोबरा मिलने और युवा रंगकर्मी डॉ. ऋषभ शर्मा की उपलब्धियों से जुड़ी खबरें सामने आई हैं। इन सभी घटनाओं और जानकारियों को विस्तार से नीचे पढ़ा जा सकता है।
चांदपुरा हेड के पास चलती कार में लगी आग
जाखल क्षेत्र स्थित चांदपुरा हेड के पास शुक्रवार देर रात करीब 10 बजे चलती स्विफ्ट डिजायर कार में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। कार में सवार चालक ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। हादसे में कार पूरी तरह जलकर राख हो गई। जानकारी के अनुसार, नूंह जिले के तिया पत्ती मियोली निवासी साजिद खान गांव मुंदलिया स्थित मक्का मस्जिद में मौलवी हैं। उनकी स्विफ्ट डिजायर कार को शुक्रवार रात उनके मामा का बेटा जाहिद खान चला रहा था। जाहिद खान घग्गर साइफन चांदपुरा से गांव मुंदलिया की ओर जा रहा था। इसी दौरान चांदपुरा हेड के नजदीक अचानक कार में शॉर्ट सर्किट हो गया और आग लग गई। आग लगते ही जाहिद खान ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत कार से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर जाखल थाने की डायल-112 गाड़ी और डायल-112 राइडर मौके पर पहुंचे। इसी दौरान जाहिद ने कार मालिक साजिद खान को भी सूचना देकर मौके पर बुला लिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने मिलकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। साजिद खान के अनुसार कार में सीएनजी किट लगी हुई थी। हादसे के समय कार में जाहिद खान अकेला था। गनीमत रही कि आग लगते ही वह समय रहते कार से बाहर निकल गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
बारिश के दौरान घर में घुसा स्पेक्टेकल्ड कोबरा
मास्टर कॉलोनी में कुलवंत एमसी के घर के पास एक मकान में बारिश के दौरान जहरीला साँप घुस गया और बाथरूम में जा पहुंचा। घर के लोगों ने साँप को देखकर पड़ोसियों की मदद से बाथरूम का दरवाजा बंद कर दिया और स्नेक रेस्क्यूअर नवजोत सिंह ढिल्लों को सूचना दी। सूचना मिलते ही नवजोत सिंह ढिल्लों मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक साँप को सुरक्षित पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि यह स्पेक्टेकल्ड कोबरा (Spectacled Cobra) है। यह अत्यंत जहरीला साँप है, जिसके विष का तंत्रिका तंत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। नवजोत सिंह ढिल्लों ने बताया कि बरसात के मौसम में साँप अपने बिलों से निकलकर सुरक्षित और सूखी जगह की तलाश करते हैं। इसी दौरान कई बार वे घरों में भी प्रवेश कर जाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर में साँप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें, बल्कि सुरक्षित दूरी बनाकर तुरंत प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यूअर को सूचना दें। उन्होंने कहा कि कोबरा के काटने की स्थिति में पीड़ित को बिना समय गंवाए ऐसे अस्पताल ले जाना चाहिए, जहां सर्पदंश का उचित उपचार और एंटी-स्नेक वेनम (ASV) उपलब्ध हो। झाड़-फूंक या देसी उपचार के चक्कर में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।
रंगमंच से सिनेमा तक डॉ. ऋषभ शर्मा ने बनाई विशिष्ट पहचान
हरियाणा के फतेहाबाद जिले के जाखल मंडी से निकलकर राष्ट्रीय रंगमंच, अकादमिक शोध और पंजाबी सिनेमा में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले युवा रंगकर्मी डॉ. ऋषभ शर्मा आज कला जगत का एक जाना-पहचाना नाम बन चुके हैं। अभिनय, निर्देशन, लेखन, शोध तथा रंगमंच प्रशिक्षण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान ने उन्हें समकालीन युवा रंगकर्मियों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया है। वर्ष 2013 में रंगमंच से अपने कलात्मक सफर की शुरुआत करने वाले डॉ. ऋषभ शर्मा ने थिएटर विषय में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। अब तक वे 15 से अधिक नाटकों, 250 से अधिक मंचीय प्रस्तुतियों तथा 350 से अधिक नुक्कड़ नाटकों में अभिनय कर चुके हैं। उनकी प्रस्तुतियों के माध्यम से बाल अधिकार, बाल मजदूरी, मानवाधिकार, महिला सशक्तिकरण, नशा मुक्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर प्रभावी संदेश दिए गए हैं। रंगमंच में उल्लेखनीय कार्य के बाद उन्होंने पंजाबी फिल्म उद्योग में भी अपनी अलग पहचान बनाई। वे 'पंछी', 'जिला संगरूर' और 'क्रिमिनल' जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त चर्चित वेब सीरीज़ 'फौजी – जिंदगी जंग दे' में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई, जबकि 'लाकड़बग्गे' वेब सीरीज़ के लेखक एवं निर्देशक भी रहे हैं। वर्ष 2017 से डॉ. ऋषभ शर्मा विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं सांस्कृतिक संगठनों में अभिनय और रंगमंच का प्रशिक्षण भी दे रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में अनेक युवा कलाकार अभिनय, संवाद-अदायगी, मंच संचालन, शारीरिक अभिव्यक्ति तथा व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। उनकी प्रस्तुतियाँ राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव, संगीत नाटक अकादमी तथा अन्य प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंचों पर प्रस्तुत की जा चुकी हैं। रंगमंच, सिनेमा और अकादमिक शोध—तीनों क्षेत्रों में उनकी सक्रिय भागीदारी उन्हें समकालीन युवा रंगकर्मियों के बीच विशिष्ट स्थान दिलाती है। डॉ. ऋषभ शर्मा का कहना है, 'रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन, मानवीय संवेदनाओं के विस्तार और व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम है। कलाकार का दायित्व केवल अभिनय करना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक और प्रेरित करना भी है।' रंगमंच से सिनेमा तक का यह सफर केवल एक कलाकार की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि समर्पण, संघर्ष, निरंतर साधना और समाज के प्रति प्रतिबद्धता का प्रेरक उदाहरण भी है। प्रमुख उपलब्धियों में 350 से अधिक नुक्कड़ नाटक, 250 से अधिक मंचीय प्रस्तुतियाँ, 15 से अधिक नाटकों में अभिनय, थिएटर विषय में पीएच.डी., पंजाबी फिल्मों में अभिनय, वेब सीरीज़ में मुख्य भूमिका और निर्देशन शामिल हैं।
लायंस क्लब जाखल रॉयल की गतिविधियां
लायंस क्लब जाखल रॉयल ने अपने समाजहित कार्यों की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अगस्त माह की राशन सामग्री तीन गोद लिए हुए परिवारो को वितरित की। बता दें कि लायंस क्लब जाखल रॉयल ने तीन ऐसे परिवारों को गोद लिया हुआ है जिनके पास आय का कोई साधन नहीं है उन परिवारों को हर माह राशन दिया जाता है तथा क्लब का ये स्थाई प्रोजेक्ट है जो पिछले लगातार 6 वर्षों से लगाया जा रहा है। इसके अलावा लायंस क्लब जाखल रॉयल हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जाखल के श्री शिव शक्ति मंदिर प्रांगण में कांवड़ियों के लिए चिकित्सा शिविर आयोजित करेगा।