जाखल अनाज मंडी का रास्ता बंद: सांसद सुभाष बराला ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से उठाई वैकल्पिक मार्ग की मांग

Atal Hind Team Online13 August 20264 min read53 viewsफतेहाबाद
जाखल अनाज मंडी का रास्ता बंद: सांसद सुभाष बराला ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से उठाई वैकल्पिक मार्ग की मांग

जाखल रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के चलते अनाज मंडी के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध करवाने की मांग

-राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर किसानों और आढ़तियों की सुविधा का मुद्दा उठाया

योगेश खनेजा /टोहाना/जाखल/13 अगस्त2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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जाखल रेलवे स्टेशन पर चल रहे रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण कार्य ने स्थानीय किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। इस निर्माण कार्य की वजह से जाखल की प्रसिद्ध अनाज मंडी की तरफ जाने वाला मुख्य रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। इससे आने वाले सीजन में फसलों की ढुलाई को लेकर बड़ा संकट खड़ा होने की आशंका बन गई है।

इस गंभीर समस्या को देखते हुए राज्यसभा सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुभाष बराला ने दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास मुलाकात की। मुलाकात के दौरान सांसद बराला ने जाखल अनाज मंडी के बंद पड़े रास्ते की स्थिति से रेल मंत्री को विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने एक मांग पत्र सौंपकर किसानों और मंडी से जुड़े लोगों की सुविधा के लिए तुरंत वैकल्पिक रास्ता देने का आग्रह किया।

निर्माण कार्य से मुख्य मार्ग बंद, छोटे रास्ते से नहीं निकल पा रहे बड़े वाहन

सांसद सुभाष बराला ने रेल मंत्री को बताया कि जाखल रेलवे स्टेशन के पास ओवरब्रिज (ROB-167) का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही रेलवे अंडरब्रिज (RUB-169) पर भी काम जारी है। सुरक्षा और निर्माण कार्य की वजह से मंडी की तरफ जाने वाले मुख्य रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

वर्तमान में जिस वैकल्पिक या छोटे रास्ते का इस्तेमाल लोग कर रहे हैं, वह बेहद संकरा है। इस रास्ते से भारी वाहन, बड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और धान से भरे ट्रक आसानी से नहीं निकल सकते। रोजाना आम दिनों में भी यहाँ यातायात बाधित रहता है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी दिक्कतों से गुजरना पड़ रहा है।

सितंबर से शुरू होगी धान की आवक, मंडी व्यवस्था ठप होने का डर

सांसद ने रेल मंत्री के सामने चिंता जताते हुए कहा कि सितंबर महीने से मंडी में धान (जीरी) की नई फसल की आवक बड़े पैमाने पर शुरू हो जाएगी। जाखल मंडी आसपास के दर्जनों गांवों का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहां हरियाणा के साथ-साथ पड़ोसी राज्य पंजाब से भी किसान अपनी फसल बेचने आते हैं।

यदि समय रहते चौड़े और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई, तो मंडी के आसपास कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाएगा। इससे न केवल किसानों का कीमती समय बर्बाद होगा, बल्कि मंडी में माल उठाने और उतारने का काम भी पूरी तरह से ठप हो सकता है।

आर्थिक नुकसान की आशंका से चिंतित हैं आढ़ती और राइस मिलर्स

रास्ते की समस्या से केवल किसान ही परेशान नहीं हैं, बल्कि मंडी के आढ़ती, मजदूर और राइस मिलर्स भी बेहद चिंतित हैं। धान के सीजन में हर दिन सैकड़ों गाड़ियों की आवाजाही होती है। मुख्य रास्ता बंद होने से माल गोदामों और राइस मिलों तक समय पर नहीं पहुंच पाएगा।

व्यापारियों का कहना है कि यदि गाड़ियां रास्ते में ही फंसी रहीं, तो मंडी की पूरी सप्लाई चेन प्रभावित हो जाएगी। इससे अनाज के खराब होने का खतरा भी रहेगा और व्यापारियों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। इसी डर के कारण मंडी एसोसिएशन ने सांसद बराला से हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई थी।

अस्थायी रास्ता बनाने के लिए दिए गए व्यावहारिक सुझाव

सांसद सुभाष बराला ने आम जनता और किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्री को एक व्यावहारिक समाधान भी सुझाया। उन्होंने अनुरोध किया कि निर्माणाधीन ओवरब्रिज (ROB-167) के नीचे खाली पड़ी जगह पर अस्थायी रूप से मिट्टी, रेत या कंक्रीट डालकर समतल कर दिया जाए।

यदि इस जगह पर अस्थायी रूप से रास्ता तैयार कर दिया जाता है, तो भारी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और गाड़ियां बिना किसी बाधा के मंडी के अंदर प्रवेश कर सकेंगी। इससे निर्माण कार्य भी प्रभावित नहीं होगा और सीजन के दौरान मंडी की गतिविधियां भी सुचारू रूप से चलती रहेंगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सांसद बराला द्वारा उठाए गए इस संवेदनशील मुद्दे को ध्यानपूर्वक सुना और स्थिति की गंभीरता को समझा। उन्होंने मौके पर ही संबंधित रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्थानीय स्थिति की समीक्षा करें और किसानों की सुविधा के अनुसार तुरंत कदम उठाएं।

सांसद बराला ने उम्मीद जताई कि रेल मंत्रालय और उत्तर रेलवे के अधिकारी मामले की गंभीरता को समझते हुए जल्द ही जाखल अनाज मंडी के लिए अस्थायी रास्ते का निर्माण शुरू करवा देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और व्यापारियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने देगी।

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