गुरुग्राम के सबसे पुराने गवर्नमेंट कॉलेज जटोली की दुर्दशा, सीवरेज के गंदे पानी की झील बना कॉलेज परिसर

गुरुग्राम के सबसे पुराने गवर्नमेंट कॉलेज जटोली की दुर्दशा, सीवरेज के गंदे पानी की झील बना कॉलेज परिसर

जिला गुरुग्राम के सबसे पुराने और पहले को-एजुकेशन कॉलेज गवर्नमेंट कॉलेज जटोली की भारी अनदेखी हो रही है। कॉलेज परिसर सीवरेज के गंदे बदबूदार पानी की विशाल झील बन चुका है। कभी चार अंकों में छात्र संख्या होने वाला यह कॉलेज अब सैकड़ों तक सिमट कर रह गया है। विधायक विमला चौधरी अपने पहले कार्यकाल में कॉलेज पहुंची थीं, जिसके बाद वह रास्ता भूल गईं। शिक्षा और स्वास्थ्य के विपरीत यह कॉलेज कैंपस अब एक बेहद डरावना कैंपस बन गया है।

फतह सिंह उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, विधायक विमला चौधरी की सोच बहुत दूरदर्शी है। पटौदी विधानसभा क्षेत्र में उनकी तमन्ना है कि एक फिल्म सिटी भी बनना चाहिए। इस विषय में उनके द्वारा ट्रिपल इंजन सरकार के हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को डिमांड लेटर भी सौंपा जा चुका है। ग्रामीण बच्चों की पढ़ाई के लिए गवर्नमेंट कॉलेज जटोली भले ही बद से बदतर हालत में होता चला जाए, लेकिन उनका सपना है कि हर गांव में व्यायाम शाला या फिर मिनी स्टेडियम भी बनाया जाए।

लेकिन गवर्नमेंट कॉलेज जटोली में छात्र खेलकूद की सुविधा से वंचित क्यों ना रहें। दूर की सोचना और सपने देखना सभी का अधिकार है। देश भक्ति अथवा राष्ट्रभक्त को सर्वोच्च स्थान देने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार के शासनकाल और मौजूदा विधायक विमला चौधरी के कार्यकाल में पटौदी विधानसभा क्षेत्र में एक सरकारी संस्थान ऐसा है, जो अपनी दुर्दशा के लिए नंबर एक है। यह सारा श्रेय जिला गुरुग्राम के को-एजुकेशन के सबसे पहले और पुराने तथा पटौदी विधानसभा क्षेत्र के गवर्नमेंट कॉलेज जटोली को ही जाता है।

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बहाली दुर्दशा, नशीली खरपतवार भांग, जहरीले जानवर और दूषित पर्यावरण के मामले में गवर्नमेंट कॉलेज जटोली हरियाणा का नंबर एक शिक्षण संस्थान बन चुका है। हाल ही में सरकार, शासन, प्रशासन और सिस्टम के द्वारा युवा वर्ग में राष्ट्र प्रेम जगाने और राष्ट्रभक्ति का बीजारोपण करने के लिए 'हर घर तिरंगा' तथा 'तिरंगा यात्रा' का विशेष रूप से आयोजन किया जा रहा है। लेकिन गवर्नमेंट कॉलेज जटोली का कई एकड़ क्षेत्रफल का स्पोर्ट्स कैंपस सीवरेज के गंदे पानी की झील और तालाब बना हुआ है।

गंदा पानी कॉलेज की बिल्डिंग तक भी पहुंच कर बिल्डिंग के लिए खतरा बना हुआ है। कुछ कमरे अथवा ब्लॉक में तो विद्यार्थियों का आना-जाना तक बंद कर दिया गया है। गवर्नमेंट कॉलेज जटोली में पढ़ने वाले छात्र क्या यह अधिकार भी खो चुके हैं कि वे तिरंगा झंडा हाथ में लेकर कॉलेज कैंपस में ही शहीदों को नमन करते हुए कोई विशाल भव्य आयोजन अथवा रैली निकाल सकें? पिछले कई वर्षों से लगातार 15 अगस्त के अवसर पर हर घर तिरंगा और तिरंगा यात्रा का आयोजन शासन-प्रशासन द्वारा किया जाता रहा है।

दुनिया की सबसे बड़ी पॉलीटिकल पार्टी भाजपा द्वारा कुछ दिन पहले ही स्वच्छता पखवाड़ा का भी आयोजन किया गया था। 'एक पेड़ मां के नाम' राज्य स्तरीय कार्यक्रम भी चलाया गया। कथित रूप से गवर्नमेंट कॉलेज जटोली और यहां के विद्यार्थियों को इस प्रकार के आयोजन से पूरी तरह से वंचित रहना पड़ गया है। शासन, प्रशासन या सिस्टम द्वारा यह भूल या गलती किस प्रकार से हो गई कि गवर्नमेंट कॉलेज जटोली में किसी भी प्रकार का आयोजन किया जाना उचित नहीं समझा गया?

विधायक विमला चौधरी अपने पहले कार्यकाल में कॉलेज की खेलकूद प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि पहुंची थीं। इसके बाद अब अपने दूसरे कार्यकाल में वे गवर्नमेंट कॉलेज जटोली का रास्ता ही भूल चुकी हैं। गवर्नमेंट कॉलेज जटोली की दुर्दशा का मामला हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से लेकर विधायक विमला चौधरी और हर संबंधित विभाग तथा अधिकारी तक पहुंचाया जा चुका है। विभागीय और सिस्टम की उदासीनता तथा अनदेखी का ही परिणाम है कि जिला गुरुग्राम का सबसे पुराना को-एजुकेशन कॉलेज गवर्नमेंट कॉलेज जटोली भविष्य में कहीं शिक्षा के नाम पर एक यादगार बिल्डिंग ही न बनकर रह जाए।

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