पटौदी के जाटोली सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में दिखा अनोखा जुगाड़, ड्रेनेज पाइप से जोड़ा हाई मास्क बिजली पोल

ऐसी प्रतिभा को सलाम
... यह तकनीक इंडिया से बाहर नहीं जानी चाहिए
ड्रेनेज पाइप से गंदा पानी निकासी के लिए हाई मास्क बिजली पोल जोड़ा
यह कारनामा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जाटोली के के अधिकारी द्वारा किया गया
लोगों में जिज्ञासा और चर्चा इस प्रकार की प्रतिभा को क्यों नहीं मिलता प्रोत्साहन
फतह सिंह उजाला/जाटोली/गुरुग्राम, /30 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
अटल हिन्द डेस्क फतह सिंह उजाला द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, पटौदी के जाटोली में मौजूद सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के अधिकारियों ने ड्रेनेज पाइप से गंदा पानी निकालने के लिए हाई मास्क बिजली के पोल को जोड़ दिया है। लोगों में इस बात की बड़ी जिज्ञासा और चर्चा है कि इस प्रकार की प्रतिभा को क्यों नहीं प्रोत्साहन मिलता है।
प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। प्रतिभा कभी भी, कहीं भी, किसी न किसी रूप में अपना परिचय करवा ही देती है। लेकिन यह बात भी सच है कि भारतीय जुगाड़ का पूरी दुनिया में कोई मुकाबला नहीं। जब प्रतिभा के साथ जुगाड़ का जुगाड़ हो जाए तो बड़ी से बड़ी और गंभीर से गंभीर समस्या का चुटकियों में समाधान संभव है। यह सब जानकर पढ़ कर शायद विश्वास अथवा भरोसा नहीं हो । लेकिन भारतीय जनता पार्टी की विधायक विमला चौधरी के निर्वाचन क्षेत्र पटौदी के जाटोली में मौजूद सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में मौजूद तकनीक किसी भी हालत में इंडिया से बाहर नहीं जानी चाहिए।
जाटोली सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से गंदे पानी के निकासी के लिए डाले गए ड्रेनेज पाइप और हाई मास्क बिजली के पोल कुछ जुगाड़ के द्वारा जोड़कर ड्रेनेज अथवा मलमूत्र युक्त गंदा पानी निकालने की नायाब और बेजोड़ तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है । लोगों में जिज्ञासा सहित चर्चा है कि इस प्रकार की प्रतिभा आखिर शासन प्रशासन और सरकार की नजरों से किस प्रकार बची रह गई ? बरसात के दौरान पूरा गुड़गांव वॉटर लॉगिंग की समस्या से परेशान होता रहा। जाटोली सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में इस जुगाड़ तकनीक की खोज करने तथा इसको आरंभ करने वाले अधिकारी की सेवाएं गुड़गांव जैसे शहर या मुख्यालय पर ली जानी चाहिए थी।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 15 हॉर्स पावर की मोटर के द्वारा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का गंदा पानी निकालने के लिए जिस पाइप लाइन का इस्तेमाल किया गया । इस पाइप में ही हाई मास्क बिजली के पोल को भी नट बोल्ट से जोड़कर पानी निकासी के काम में लिया जा रहा है। बताया गया है कि जिस प्रेशर से गंदा पानी निकालना चाहिए। पाइप और जुगाड़ कर जोड़ा गया बिजली का पोल गंदे पानी को निकालने या आगे फेंकने में नाकाम साबित हो रहे हैं । परिणाम स्वरुप सारा का सारा मल मूत्र युक्त गंदा पानी समस्या के समाधान के विपरीत समस्या को और गंभीर बनता जा रहा है। खास बात यह बताई जा रही है कि स्थानीय बिजली विभाग और अधिकारी भी अपने इस नुकसान से अनजान और बिजली पोल के दुरुपयोग से अभिज्ञ बने हुए हैं।
समस्या के समाधान के बजाय बढ़ी मुसीबत
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 15 हॉर्स पावर की मोटर के द्वारा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का गंदा पानी निकालने के लिए पाइप लाइन का इस्तेमाल किया गया है। इस पाइप में ही हाई मास्क बिजली के पोल को भी नट बोल्ट से जोड़कर पानी निकासी के काम में लिया जा रहा है। बताया गया है कि जिस प्रेशर से गंदा पानी निकलना चाहिए, पाइप और जुगाड़ कर जोड़ा गया बिजली का पोल गंदे पानी को निकालने या आगे फेंकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। परिणाम स्वरूप सारा का सारा मलमूत्र युक्त गंदा पानी समस्या के समाधान के विपरीत समस्या को और अधिक गंभीर बनाता जा रहा है। खास बात यह बताई जा रही है कि स्थानीय बिजली विभाग और अधिकारी भी अपने इस नुकसान से अनजान और बिजली पोल के दुरुपयोग से अभिज्ञ बने हुए हैं।