जींद में मिड डे मील वर्करों ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन, एसडीओ को सौंपा ज्ञापन

जींद में मिड डे मील वर्करों ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन, एसडीओ को सौंपा ज्ञापन

जींद में रविवार को मिड डे मील वर्कर्स यूनियन ने प्रदेश कमेटी के आह्वान पर एक जोरदार प्रदर्शन किया।यह प्रदर्शन मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीओ राजेंद्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजने के लिए किया गया था।

प्रदर्शनकारी मिड डे वर्कर्स को संबोधित करते हुए जिला प्रधान कैलाश, सचिव सुनीता और सरला ने कई अहम बातें कहीं।उन्होंने बताया कि चार अगस्त को हरियाणा भर से वर्करों ने कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन किया था।इस प्रदर्शन के दबाव में कुरुक्षेत्र के उपायुक्त ने मुख्यमंत्री हरियाणा से बात करके 17 अगस्त को बातचीत करवाने का वादा किया था।लेकिन अभीतक वह बातचीत नही हुई है।इसी वजह से वर्करों में भारी रोष देखने को मिल रहा है।

कम मानदेय और अधिक जिम्मेदारियों का मुद्दा

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वक्ताओं ने कहा कि मिड डे मील वर्कर बेहद कम मानदेय पर कार्य कर रहे हैं।जबकि उनसे स्कूलों में बहुत ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभवाई जाती हैं।यूनियन ने कड़ा विरोध जताते हुए मांग की कि मिड डे मील वर्करों का मानदेय बढ़ाया जाए।साथ ही न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह लागू किया जाए।इसके अलावा वरिष्ठता के आधार पर अधिक मानदेय देने का भी प्रावधान किया जाना चाहिए।

12 महीने का मानदेय और अन्य प्रमुख मांगें

यूनियन ने जानकारी दी कि वर्तमान में मिड डे मील कुक को केवल 10 महीने का मानदेय मिलता है।जबकि शिक्षा विभाग के अन्य कर्मचारियों को पूरे 12 महीने का वेतन दिया जाता है।इसी मांग को लेकर यूनियन ने कहा कि मिड डे मील वर्करों को भी 12 महीने का मानदेय दिया जाए।साथ ही केंद्र सरकार के बकाया मानदेय का तुरंत भुगतान किया जाए।यूनियन ने कार्य के दौरान दुर्घटना में घायल होने पर उचित इलाज देने की मांग की।इसके अलावा दुर्घटना में घायल होने पर 50 हजार रुपये मुआवजा देने की बात कही गई।मृत्यु होने पर आश्रितों को कम से कम पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।सभी मिड डे मील वर्करों के निशुल्क आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की मांग भी रखी गई।अंत में यूनियन ने स्कूलों को मर्ज करने और बंद करने की नीति पर रोक लगाने की मांग की।यूनियन ने कहा कि जिन मिड डे मील वर्करों का काम छिन गया है, उन्हें तुरंत दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जाए।

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