जींद में रात के अंधेरे में नप अमले ने उठाया शहर से कचरा, सफाई कर्मियों की हड़ताल के बीच प्रशासन का बड़ा कदम

जींद में 24 अगस्त को सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते सड़क किनारे लगे गंदगी के ढेरों को हटवाने के लिए प्रशासन ने योजनाबद्ध तरीके से काम किया। नप अधिकारियों ने रातभर जेसीबी की सहायता से कचरा हटा दिया। बदबू न उठे, इसके लिए सफाई किए गए स्थान पर चूने का भी छिड़काव कर दिया गया। रविवार देर रात शुरू हुआ सफाई अभियान सोमवार सुबह तक जारी रहा।
डीएमसी अनिल दून ने संभाली सफाई अभियान की कमान
सफाई अभियान की कमान खुद डीएमसी अनिल दून संभाले हुए थे। डीएमसी अनिल दून पूरी टीम के साथ सुबह तक मौके पर डटे रहे। अधिकारियों ने मुख्य मार्गों से कूड़े के ढेरों को हटाकर सड़क को चक्काचक कर दिया। एक ही रात में नगर परिषद के अमले ने उन प्रमुख मार्गों को साफ कर दिया, जहां पिछले बीस दिनों से कचरे के ढेर जाम थे। बदबू के कारण लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
रातभर मौके पर डटे रहे नगर परिषद के तमाम अधिकारी
रातभर चले सफाई अभियान के दौरान नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुशील भुक्कल, एमई अमित, जेई पंकज, जय जैन और लेखाकार अशोक सैनी सहित अन्य अधिकारी और अन्य कर्मचारी भी सोमवार सुबह तक मौके पर बने रहे। अधिकारियों ने न केवल सफाई कार्य की निगरानी की बल्कि अतिरिक्त कर्मचारियों और संसाधनों को मैदान में उतारकर इस अभियान को तेज गति प्रदान की।
सुबह विरोध में उतरे हड़ताल कर रहे सफाई कर्मी
सुबह जब इस सफाई अभियान की भनक लगी, तो हड़ताल कर रहे सफाई कर्मी विरोध में उतर आए। सफाई कर्मियों के विरोध में उतरने के बाद इस सफाई अभियान को तुरंत रोक दिया गया। नगर परिषद के कर्मचारी पिछले लगभग 20 दिनों से हड़ताल पर हैं। कर्मचारी लगातार धरना दे रहे हैं। हड़ताल का सीधा असर शहर की नियमित सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। शहर में सड़कों के साथ-साथ कचरे के ढेर लग गए थे। यहां तक कि बाजार क्षेत्र में भी हालात काफी प्रभावित दिखाई दे रहे थे।
बीमारी फैलने का मंडरा रहा था गंभीर खतरा
लंबे समय तक कूड़े के ढेर लगे रहने के कारण वहां से बदबू उठने लगी थी। बदबू के कारण शहर में बीमारी फैलने का खतरा भी मंडराने लगा था। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुशील भुक्कल ने इस संबंध में बयान दिया। उन्होंने कहा कि शहर को साफ रखना केवल नगर परिषद की ही नहीं बल्कि सभी नागरिकों की भी बड़ी जिम्मेदारी है। शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों को भी आगे आकर सहयोग करना चाहिए। रविवार को ही डीएमसी अनिल दून ने सामाजिक संस्थाओं और समाजसेवी लोगों की एक महत्वपूर्ण बैठक भी ली थी।