जींद: नागरिक अस्पताल में पेट दर्द के उपचार के लिए लाए दस वर्षीय बच्चे की मौत, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

जींद में एक दर्दनाक मामला सामने आया है। नागरिक अस्पताल में सोमवार को पेट दर्द के उपचार के लिए लाए दस वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजन काफी बिफर गए। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए इमरजेंसी के बाहर रोष जताया।
परिवार के लोगों के लामबंद होने की सूचना मिलते ही पीएमओ डा. रघुवीर पूनिया व सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। फिलहाल परिजनों ने लिखित में शिकायत नही दी है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
गांव बनियाखेड़ा का मामला और अस्पताल की घटना
गांव बनियाखेड़ा निवासी प्रसन्न अपने दस वर्षीय बेटे दीपांशु को पेट दर्द होने के चलते उपचार के लिए नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लेकर आए थे। अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा बच्चे का उपचार शुरू किया गया। डॉक्टरों ने कुछ हद तक बच्चे के पडऩे वाले दौरे पर भी काबू पा लिया था।
इससे पहले कि बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे पीजीआई रेफर किया जाता, बच्चे की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। उपचार के दौरान ही उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने रोष जताना शुरू कर दिया। बच्चे की मौत पर परिजन बिफर गए और इमरजेंसी वार्ड के बाहर हंगामा करने लगे।
परिजनों का आरोप और पीएमओ का बयान
परिजनों का कहना था कि उनके बच्चे को सही से उपचार नही दिया गया। इसी वजह से उनके बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का मानना था कि अगर चिकित्सक उनके बेटे का उपचार अच्छे से करते तो उनके बेटे की जान नहीं जाती।
पीएमओ डा. रघुवीर पूनिया ने मौत के कारण को लेकर स्पष्ट किया कि देखने से लगता है कि बच्चे की अचानक मौत के कई कारण हो सकते हैं। असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही बताएगी। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मामले की आगे की स्थिति पूरी तरह साफ होगी।
पोस्टमार्टम और आगे की कार्रवाई
अधिकारी ने बताया कि उपचार के दौरान बच्चे की हालत में उतार-चढ़ाव रहा, बीच में नियंत्रण भी हुआ लेकिन बाद में अचानक हालत बिगड़ गई। इमरजेंसी के डॉक्टरों से बात की गई है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की हालत एकदम गिर गई थी और बच्चे को बचाने के लिए पूरी कोशिश की गई थी।
पीएमओ ने बताया कि परिजनों से उनकी बात हुई है। परिजनों ने आरोप जरूर लगाए हैं लेकिन कोई रिटर्न में शिकायत नही दी है। कागजी कार्यवाही पूरी होते ही तुरंत पोस्टमार्टम कराया जाएगा।