जींद: फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर ब्रह्मानंद आश्रम पर कब्जा, चार के खिलाफ मामला दर्ज

सफीदों के ब्रह्मानंद आश्रम के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर वसीयत बनवाने और आश्रम पर कब्जा करने का मामला सामने आया है। शहर थाना सफीदों पुलिस ने शनिवार कोशिकायत के आधार पर चार लोगों को नामजद कर कुछ अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने में जुटी हुई है।
गांव मोरखी निवासी कृष्ण ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में यह जानकारी साझा की है। कृष्ण ने बताया कि सफीदों में गुरू ब्रह्मानंद का एक आश्रम स्थित है। वह गुरू ब्रह्मानंद को अपना आराध्य मानते हैं। वह स्व. रामस्वरूप ब्रह्मचारी को अपना गुरू मानते हैं। इसी वजह से उनका आश्रम में लगातार आना-जाना लगा रहता था।
सितंबर 2025 में गुरू रामस्वरूप ब्रह्मचारी का निधन हो गया था। गत एक मई को जब वह आश्रम गए थे। तब वहां पर गांव बडनपुर निवासी रविंद्र मिला था। रविंद्र ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें आश्रम में आने से रोका। रविंद्र ने उन्हें एक रजिस्टर दिखाया और यह दावा किया कि अब यह आश्रम उनका है।
जब कृष्ण ने अपने स्तर पर इस मामले की जांच की तो एक बड़ा खुलासा हुआ। सामने आया कि संतोष, गांव चुहड़माजरा निवासी सतपाल, करनाल निवासी रणधीर और रविंद्र ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर एक बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। इन सभी ने मिलकर स्व. रामस्वरूप ब्रह्मचारी के फर्जी हस्ताक्षर करवाए और आश्रम की वसीयत अपने नाम करवा ली।
यह सभी फर्जी दस्तावेज हरिद्वार न्यायालय में तैयार करवाए गए थे। इस तैयार की गई वसीयत में रामस्वरूप ब्रह्मचारी के 28 अगस्त 2025 को हस्ताक्षर दिखाए गए हैं। जबकि हकीकत यह थी कि उस विशेष दिन रामस्वरूप ब्रह्मचारी करनाल के एक अस्पताल में भर्ती थे।
आरोपी लोगों ने एक पूरी सोची-समझी रणनीति बनाई थी। उन्होंने इस फर्जीवाड़े को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया और इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ही आश्रम पर जबरन कब्जा कर लिया।
शनिवार को मामले की जानकारी देते हुए शहर थाना सफीदों के जांच अधिकारी मनजीत ने बताया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने कृष्ण की दी गई शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी संतोष, सतपाल, रणधीर और रविंद्र को नामजद कर लिया है। पुलिस ने इन सभी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।