जींद: चांदपुर जलघर के पानी का सैंपल फेल, लोग पी रहे बिना क्लोरीन युक्त पानी

जींद: चांदपुर जलघर के पानी का सैंपल फेल, लोग पी रहे बिना क्लोरीन युक्त पानी

जींद में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा स्वच्छ पेयजल को लेकर चांदपुर जलघर में पीने के पानी की जांच की गई। इस जांच में यह बात सामने आई कि गांव में जलघर से मिलने वाली पीने की सप्लाई में क्लोरीन बिल्कुल भी नहीं है। जांच के दौरान पानी का सैंपल फेल पाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार करके स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के पास भेज दी है।

क्लोरीनीकरण के फायदे और जलजनित बीमारियां

स्वास्थ्य निरीक्षक नरेंद्र ढांडा ने शनिवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि क्लोरीनीकरण एक बहुत ही प्रभावी और किफायती जल शोधन प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया का मुख्य लाभ यह है कि यह पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और प्रोटोजोवा को पूरी तरह से नष्ट कर देती है। इससे जल से पैदा होने वाली खतरनाक बीमारियों जैसे हैजा, उल्टी, दस्त, पीलिया, टायफायड, पोलियो आदि बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है। क्लोरीनीकरण करने से पानी से सभी हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस व अन्य सूक्ष्म जीव मर जाते हैं और पीने का पानी पूरी तरह से कीटाणु रहित हो जाता है। क्लोरीन पानी में मौजूद आयरन, मैगनीज और हाइड्रोजन सल्फाइड के आक्सीकरण में भी बहुत मदद करती है। इससे पानी का रंग और गंद बहुत बेहतर बन जाती है जिससे सभी प्रकार की जलजनित बीमारियों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है। इस उपचारित प्रक्रिया से साफ किया हुआ पानी उपभोक्ता के घर तक पूरी तरह सुरक्षित पहुंचता है जिससे यह पानी पीने योग्य हो जाता है।

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जलघरों में क्लोरीन और डोजिंग पंप की स्थिति

नगूरां गांव के मुख्य जलघर और हसनपुर गांव के नलकूप नंबर एक को छोड़कर राज्य में कहीं भी क्लोरीन युक्त पीने के पानी की सप्लाई नहीं की जा रही है। इस गंभीर मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग तथा जलघर पर कार्यरत कर्मचारी अनेक बार जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों से बुस्टर स्टेशनों पर डोजिंग पंप लगाने की गुहार लगा चुके हैं। लेकिन अब तक नगूरां, चांदपुर तथा हसनपुर गांव में एक भी डोजिंग पंप नहीं लगाए गए हैं। यही नहीं नगूरां गांव के सरपंच प्रतिनिधि कुलदीप खटकड़ ने जलापूर्ति विभाग के एसडीओ को डोजिंग पंप लगाने के लिए एक लिखित पत्र भी लिखा है। लेकिन इसके बावजूद अभी तक भी नगूरां गांव के बुस्टरों पर डोजिंग पंप लगने का लगातार इंतजार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग का नया टेंडर और आगामी प्रक्रिया

स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइजर राजेश ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि विभाग में क्लोरीन की दवा पूरी तरह आ चुकी है। जल्द ही सभी बूस्टरों पर डोजिंग पंप लगवाने को लेकर विभाग की तरफ से नया टेंडर जारी किया जाएगा। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित ठेकेदार द्वारा सभी बुस्टरों पर जरूरी डोजिंग पंप लगाए जाएंगे। जल्द ही इन सभी प्रशासनिक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही स्थानीय लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पेयजल मिल सकेगा।

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