जींद में हत्या के मामले में अदालत का बड़ा फैसला, दोषी को सुनाई गई उम्रकैद और पचास हजार रुपये जुर्माना

जींद में हत्या के मामले में अदालत का बड़ा फैसला, दोषी को सुनाई गई उम्रकैद और पचास हजार रुपये जुर्माना

जींद जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम सुनेजा की अदालत ने हत्या के मामले में सोमवार को एक व्यक्ति को दोषी करार दिया है। अदालत ने इस मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना राशि अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह फैसला स्थानीय अदालत द्वारा एक सनसनीखेज हत्या के मामले में सुनाया गया है।

अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, गांव डूमरखां खुर्द निवासी प्रवेश ने 15 अक्टूबर 2023 को सदर थाना नरवाना पुलिस को अपनी शिकायत दी थी। अपनी शिकायत में प्रवेश ने बताया था कि उसके पिता शमशेर की परिवार के ही बलवीर के साथ गहरी दोस्ती थी। घटना की रात उसके पिता शमशेर ने खाना खाया था। इसके बाद वह अपने दोस्त बलवीर से मिलने के लिए उसके घर गए थे। किसी बात को लेकर अचानक दोनों के बीच कहासुनी हो गई थी।

कहासुनी इतनी बढ़ गई कि बलवीर ने गुस्से में आकर शमशेर पर चाकू से ताबड़तोड़ हमले कर दिए। बलवीर ने शमशेर को चाकू से गोद डाला था। अपने पिता शमशेर के चिल्लाने की आवाज सुनकर मृतक का बेटा प्रवेश तुरंत मौके पर पहुंच गया। वहां उसने देखा कि उसके पिता शमशेर खून से लथपथ हालत में पड़े हुए थे। उस समय आरोपित बलवीर के हाथ में चाकू भी था। मौके पर प्रवेश को देखकर आरोपित बलवीर वहां से फरार हो गया था।

घटना के बाद परिजनों द्वारा घायल शमशेर को तुरंत नागरिक अस्पताल नरवाना ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने शमशेर को मृत घोषित कर दिया था। मृतक के बेटे प्रवेश ने पुलिस को दी गई शिकायत में यह भी बताया था कि आरोपित उसका रिश्ते में ताऊ लगता है। आरोपित बलवीर अविवाहित है। मृतक शमशेर तथा आरोपित बलवीर ज्यादातर समय एक साथ ही रहते थे। दोनों के बीच बहुत गहरी दोस्ती का रिश्ता था।

घटना की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की थी। मृतक के बेटे प्रवेश की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बलवीर के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित बलवीर को गिरफ्तार भी कर लिया था। तभी से यह पूरा मामला अदालत में विचाराधीन चल रहा था। सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम सुनेजा की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बलवीर को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

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