जींद: सदन की गरिमा बनाए रखना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी, उचाना विधायक देवेंद्र अत्री ने कही यह बात

जींद, 30 अगस्त। उचाना विधायक देवेंद्र अत्री ने जींद में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की मुख्य जिम्मेदारी है।
उचाना विधायक देवेंद्र अत्री ने रविवार को अपने निवास पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक कार्यक्रम मन की बात की 137वीं कड़ी को सुना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में महिलाओं और उनके हितों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और प्रयासों का विशेष रूप से उल्लेख किया। केंद्र सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। केंद्र सरकार महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है। मन की बात कार्यक्रम समाज के अलग-अलग वर्गों के सामने आ रहा है। मन की बात कार्यक्रम देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों को सामने रखने का एक बहुत ही प्रभावी माध्यम बन चुका है।
कार्यक्रम के बाद विधायक ने कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक की। इस बैठक के दौरान विधायक ने कार्यकर्ताओं की समस्याओं को ध्यान से सुना। कार्यक्रम के तुरंत बाद विधायक ने प्रधानमंत्री के संबोधन में उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर कार्यकर्ताओं के साथ विस्तार से चर्चा की। साथ ही उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों के रवैये को लेकर विपक्ष पर बहुत बड़ा निशाना साधा।
विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों के काले कपड़े पहनकर सदन में पहुंचने के मुद्दे पर अत्री ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी। अत्री ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का एक बहुत ही महत्वपूर्ण मंच है। सभी जनप्रतिनिधियों को सदन की गरिमा और सदन की मर्यादा का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह से भाग रहा है। सदन की कार्यवाही को लेकर विपक्ष द्वारा जो रवैया अपनाया जा रहा है वह सीधे तौर पर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।
दलित विधायक जरनैल सिंह के हाथ से पोस्टर छीनकर फाड़े जाने की घटना को विधायक ने बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति और समाज को अपनी आवाज उठाने का पूरा अधिकार है। हर व्यक्ति और समाज को अपने मुद्दे सामने रखने का भी पूरा अधिकार है। किसी की भी आवाज दबाने के बजाय उसकी बात को हमेशा सुना जाना चाहिए। समाज के विभिन्न वर्गों को अपनी समस्याएं शांतिपूर्ण तरीके से उठाने का पूरा अधिकार है। समाज के विभिन्न वर्गों को अपनी मांगें भी शांतिपूर्ण तरीके से उठाने का अधिकार प्राप्त है।