जींद में कष्ट निवारण समिति की बैठक, खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने दिए शिकायतों के समयबद्ध समाधान के निर्देश

हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा है कि प्रदेश सरकार आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कष्ट निवारण समिति की बैठकों का मुख्य उद्देश्य लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित करना है ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम सोमवार को डीआरडीए सभागार में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। समिति अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री के समक्ष बैठक में कुल 13 शिकायतें समाधान के लिए रखी गई। इनमें से 10 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। जबकि शेष तीन मामलों में विस्तृत जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस अवसर पर डीसी डॉ वैशाली शर्मा और पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह भी मौजूद रहे।
विभिन्न विभागों की शिकायतों पर चर्चा
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की गई। गौरव गौतम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए।
एनएचएआई और बीबीपूर गांव के मामलों पर कार्रवाई
खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम के समक्ष जींद से गुजरते हुए एनएचएआई पर नॉमर्श के अनुसार आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के बारे में शिकायत रखी गई। जिसमें समिति अध्यक्ष ने जांच अधिकारी से विस्तृत जानकारी लेने उपरान्त एवं शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर शेष बचा काम जल्द ही करवाने के लिए कहा। बैठक में एनएचएआई के किसी अधिकारी के मौजूद न रहने पर राज्य मंत्री ने कड़ा संज्ञान लेते हुए इसकी रिपोर्ट लिखित रूप में नोटिस के माध्यम से सैक्रेटरी एनएचएआई को देने के लिए कहा। बैठक में गांव बीबीपूर में 2012 में अॅलाट हुए बीपीएल परिवारों को प्लॉटों के उपर से बिजली लाईन की वजह से मकान न बनाए जाने की समस्या रखी गई। इस पर समिति अध्यक्ष ने संज्ञान लेते हुए डीडीपीओ को निदेशक विकास एवं पंचायत विभाग को बराबर पड़ी पंचायती जमीन पर प्रभावित हो रहे चार प्लांटों का स्थानातरण प्रस्ताव भेजने के लिए कहा और मामले की जांच के लिए एडीसी की जिम्मेदारी लगाई।