जींद में स्वास्थ्य विभाग की 13 टीमों ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों की अचानक की जांच, रिकार्ड किया चेक

लिंगानुपात के मामले में सुधार करने के लिए गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की 13 टीमों ने जिले में चल रहे विभिन्न अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच की। इस दौरान टीमों ने केंद्रों पर जाकर सारा रिकार्ड चेक किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी काम नियमों के अनुसार हो रहे हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने खुद संभाली कमान
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जींद में अल्ट्रासाउंड की चेकिंग के लिए डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला और एलएमओ डॉ. वंदना ने भी तीन अल्ट्रासाउंड केंद्रों की विशेष रूप से जांच की। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अल्ट्रासाउंड केंद्रों के रिकार्ड से संबंधित सभी जरूरी जानकारी जुटाई गई। स्वास्थ्य टीमों ने जिले के कई अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।
अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण पर रोक लगाने की तैयारी
इस पूरी औचक निरीक्षण कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि कोई भी सेंटर अवैध रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण का काम बिल्कुल न करे। स्वास्थ्य टीमों ने केंद्रों पर मरीजों के रिकार्ड, फॉर्म एफ और अल्ट्रासाउंड मशीनों के कामकाज की बहुत ही बारीकी से जांच की। आपको बता दें कि ठीक दो माह पहले भी स्वास्थ्य टीमों ने इसी तरह से अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर बड़ा जांच अभियान चलाया था।
जिले के लिंगानुपात के आंकड़े
स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल माह में पूरे हरियाणा प्रदेश का लिंगानुपात 898 दर्ज किया गया है। इसके साथ ही जींद जिले का लिंगानुपात 872 रिकॉर्ड किया गया है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि लिंगानुपात के मामले में जींद जिला साल 2022 से लेकर साल 2023 तक पूरे प्रदेश में लगातार पहले स्थान पर काबिज रहा था।
पहले से काफी कम हुआ है लिंगानुपात
साल 2023 के दौरान जिले का लिंगानुपात 986 तक पहुंच गया था, जो कि हरियाणा के 916 के औसतन अनुपात से बहुत ज्यादा था। लेकिन इसके बाद समय के साथ जिले में लिंगानुपात लगातार कम होता चला गया। अप्रैल 2026 में घटकर जिले का लिंगानुपात सीधे 872 के स्तर तक नीचे आ गया था। यही कारण है कि अब स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तरह से कमर कस ली है और सख्त कदम उठा रहा है。