जींद के कालवन गांव में लाडो पंचायत का कड़ा फरमान, गाली-गलौज और लड़कियों पर टिप्पणी करने वालों को मिलेगी सामाजिक सजा

जींद में बाल एवं महिला अधिकार कार्यकर्ता और बीबीपुर के पूर्व सरपंच सुनील जागलान के नेतृत्व में गांव कालवन में एक विशेष लाडो पंचायत का आयोजन किया गया। इस लाडो पंचायत में सर्वसम्मति से एक बड़ा फैसला लिया गया जिसके तहत गांव में गाली-गलौज करने वालों और विशेष रूप से लड़कियों के बारे में ऊल-जुलूल व अनर्गल बातें करने वालों पर अब सामाजिक सजा और जुर्माना लगाया जाएगा।
लड़कियों ने खुद लिए अपने फैसले
गांव कालवन में आयोजित इस विशेष लाडो पंचायत में लड़कियों ने बेहद स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखी। लड़कियों ने कहा कि लड़कियों के जीवन से जुड़े फैसले लेने का पहला हक खुद लड़कियों का है। पुरुष प्रधान खाप पंचायतों द्वारा लड़कियों की अनुपस्थिति में उनके पहनावे, पढ़ाई, मोबाइल और शादी जैसे मुद्दों पर फरमान सुनाने की परंपरा अब बिल्कुल नहीं चलेगी।
लोकतांत्रिक तरीके से हुआ प्रधान का चुनाव
पंचायत की पूरी प्रक्रिया को बहुत ही लोकतांत्रिक तरीके से अपनाया गया। सुनील जागलान ने भारतीय लोकतंत्र की तर्ज पर प्रधान पद के लिए पर्ची डालकर चुनाव करवाया। इस चुनाव में खुशी को लाडो पंचायत का नया प्रधान चुना गया और फिर गांव के बुजुर्ग सरपंच ने नवनिर्वाचित प्रधान खुशी को पगड़ी पहनाकर इस पहल की औपचारिक शुरुआत की। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सुनील जागलान ने स्वयं सचिव की भूमिका निभाई।
प्रधान बनते ही लिए गए कड़े फैसले
प्रधान बनते ही खुशी ने एक प्रस्ताव सदन में रखा जिसमें गाली-गलौज के प्रचलन को खत्म करने और लड़कियों पर टिप्पणी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई। इस प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए प्रधान खुशी ने कहा कि ऐसे लोगों पर आर्थिक जुर्माने का प्रावधान होना चाहिए ताकि उन्हें अपनी गलती का पूरा अहसास हो सके। इस दौरान सुप्रिया नाम की युवती ने मांग रखी कि लड़कियों की अनुपस्थिति में उनके बारे में निर्णय लेने वालों के खिलाफ संवैधानिक और कानूनी तौर पर भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
युवतियों और महिलाओं ने रखी अपनी बेबाक राय
पंचायत के दौरान जैस्मिन ने कहा कि हमारी इज्जत कोई बहस का मुद्दा नहीं है और जो भी हमारे बारे में गलत बोलेगा उसे मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। मुस्कान ने अपने विचार रखते हुए कहा कि गाली सिर्फ एक शब्द नहीं बल्कि हिंसा की शुरुआत है जिसे अब हर हाल में बंद करना होगा। वहीं दूसरी ओर खुशबू ने कहा कि हम चुप रहने वाली पीढ़ी बिल्कुल नहीं हैं और अब अपने जीवन से जुड़े सभी फैसले हम खुद करेंगी।
महिला लोकतंत्र की नई और अनूठी तस्वीर
इस अवसर पर कालवन गांव की मौजूद महिला सरपंच कविता को जब लाडो पंचायत की प्रधान खुशी ने बोलने का आदेश दिया तो यह पूरा दृश्य महिला लोकतंत्र की एक नई और प्रेरणादायक तस्वीर पेश कर रहा था। सरपंच कविता ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि वह गांव में गाली पूरी तरह बंद करने के लिए गाली बंद घर अभियान को पूरी ताकत से लागू करेंगी।