जींद के रामराये गांव में महिला खाप पंचायत का आयोजन,

जींद के रामराये गांव में महिला खाप पंचायत का आयोजन,

जींद / 23 अगस्त 2026 / अटल हिन्द ब्यूरो

जींद में रविवार को सर्वजातीय महिला खाप पंचायत का आयोजन किया गया। यह आयोजन गांव रामराये के नौगामा चबूतरे पर किया गया। इस पंचायत में महिलाओं ने सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद की। भाईचारे तथा सामाजिक तानेबाने को बनाए रखने के लिए सभी ने एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया।

महिला खाप पंचायत में कई गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इन मुद्दों में लिव इन रिलेशन, लव मैरिज, टूटते परिवार, गंद तथा गन कल्चर शामिल रहे। इसके अलावा रीति रिवाजों का ढाली होना और भाईचारे का हाशिये पर जाना जैसे अन्य सामाजिक मुद्दों पर भी बात हुई। इस पंचायत में आधा दर्जन प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इन सभी प्रस्तावों को अमलीजामा पहनाने का भी कड़ा निर्णय लिया गया।

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इस महत्वपूर्ण पंचायत की अध्यक्षता सर्वजातीय महिला खाप की अध्यक्ष डॉ. संतोष दहिया ने की। महिला खाप पंचायत में विभिन्न जिलों की महिला खाप प्रधान और नौगामा खाप के चौधरी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। डॉ. संतोष दहिया ने कहा कि महिला खाप पंचायतों के आयोजन के पीछे समाज को स्वच्छ बनाना मुख्य उद्देश्य है। समय के साथ समाज में काफी सारी बुराइयां आ चुकी हैं।

समाज में सामाजिक मूल्य, रीति रिवाज और संस्कार अब हाशिये पर चले गए हैं। सामाजिक मूल्यों, रीति रिवाजों तथा भाईचारे को बनाए रखना आज के समय में बहुत ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि लड़कियों को खूब पढ़ाओ लिखाओ लेकिन उन्हें संस्कार तथा सामाजिक मूल्यों की पूरी जानकारी भी देनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि गौत्र, गांव, खेड़ा और गुहांड में कभी भी शादी नहीं होनी चाहिए क्योंकि यहां पर रहने वाले सभी परिवार एक जैसे होते हैं।

लव मैरिज हो सकती है लेकिन उसमें परिवार की पूरी सहमति होनी जरूरी है। लड़कियां अपनी पसंद के कपड़े पहन सकती हैं लेकिन किसी भी प्रकार की अर्धनग्नता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लिव इन रिलेशन कानून में जरूरी बदलाव होना चाहिए क्योंकि इसकी वजह से बहुत से परिवार बर्बाद हो रहे हैं। इसकी वजह से आपसी भाईचारा पूरी तरह से खत्म होता जा रहा है।

परिवार के सभी लोगों को बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर विशेष ध्यान देना होगा। गंद तथा गन कल्चर पर समाज को कड़े कदम उठाने पड़ेंगे। दहेज प्रथा भी एक बहुत बड़ी बुराई है और इस पर भी पूरी तरह से रोक लगानी है। उन्होंने जानकारी दी कि नौगामा खाप के अंदर कुल 21 गांव आते हैं और इन गांवों के आपस में कभी रिश्ते नहीं हो सकते क्योंकि इनका अपना एक अलग भाईचारा है।

महिला खाप पंचायत के सभी फैसलों को अमलीजामा पहनाने के लिए 21 सदस्यीय एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में युवा लड़के और लड़कियों को भी जरूरी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह कमेटी लगातार सभी ग्रामीणों को जागरूक करने का काम करेगी। जो भी व्यक्ति दहेज लेगा, उसकी चबूतरे पर सरेआम क्लास लगाई जाएगी। उन्होंने अंत में कहा कि कानून बनने से पहले हमारे अपने सामाजिक कानून हुआ करते थे जो एक स्वच्छ समाज का निर्माण करते थे।

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