जींद में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत का बड़ा फैसला, दोषी को 20 साल की सजा

जींद में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट शिफा की अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने नाबालिग को घर से बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा अदालत ने दोषी पर एक लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
घटना की पूरी जानकारी और पुलिस शिकायत
शहर थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाले एक व्यक्ति ने 30 जुलाई 2025 को पुलिस को एक शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि उसकी नाबालिग बेटी घर से गायब हो गई है। पीड़ित पिता ने आरोप लगाया था कि दुर्गा कॉलोनी निवासी अरुण उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगाकर ले गया है। जब पीड़िता के परिवार ने अरुण के परिवार से संपर्क किया, तो उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद शहर थाना पुलिस ने अरुण के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस कार्रवाई और अदालत का फैसला
पुलिस ने लड़की को सकुशल बरामद कर लिया। लड़की के दिए गए बयानों के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित दुष्कर्म की विभिन्न धाराएं इस मामले में जोड़ दीं। इसके बाद पुलिस ने आरोपी अरुण को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा अदालत में ठोस साक्ष्य पेश किए गए। स्पेशल पीपी पोक्सो केस योगेंद्र राठी की मजबूत पैरवी के आधार पर यह फैसला आया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट शिफा की अदालत ने बुधवार को आरोपी अरुण को पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोषी पर एक लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।