जींद बस अड्डा पर रोडवेज कर्मियों का बड़ा प्रदर्शन, मांगों को लेकर परिवहन मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

जींद में 13 अगस्त को हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के आह्वान पर रोडवेज कर्मियों ने बस अड्डा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के बाद रोडवेज कर्मियों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन परिवहन मंत्री को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक कार्यालय में सौंप दिया। इस पूरे प्रदर्शन का नेतृत्व रामेहर रेढू, जितेंद्र लाठर, अनिल गौतम, सोमबीर जांगड़ा और सुल्तान सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इसके साथ ही, इस प्रदर्शन का संचालन नीतीश शर्मा द्वारा किया गया।
परिवहन मंत्री के वादों पर अमल न होने से कर्मचारियों में भारी रोष
प्रदर्शन में शामिल सभी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मोर्चे के वरिष्ठ सदस्यों अनूप लाठर और संदीप रंगा ने एक अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परिवहन मंत्री कर्मचारियों से किए गए अपने किसी भी वादे पर अमल नहीं कर रहे हैं। बीती 25 जुलाई को जब परिवहन मंत्री के आवास का घेराव किया गया था, तब मंत्री खुद कर्मचारियों के बीच पहुंचे थे। मंत्री ने कर्मचारियों से ज्ञापन लिया था और 15 दिन के भीतर कर्मचारियों की मांगों पर एक बैठक बुलाने का पूरा आश्वासन दिया था। लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी बैठक बुलाने संबंधी कोई भी पत्र जारी नहीं किया गया है। इसी बात के कारण रोडवेज कर्मचारियों के मन में सरकार के खिलाफ भारी रोष है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार जल्द ही कर्मचारियों की मांगों का कोई उचित समाधान नहीं करती है, तो इस आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।
कर्मचारियों की प्रमुख और बड़ी मांगें
अनूप लाठर ने मीडिया और कर्मचारियों को जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कई बड़े मुद्दे शामिल हैं। इनमें परिचालकों का पे ग्रेड बढ़ाना और लिपिकों की तर्ज पर तीन वेतन वृद्धि देना शामिल है। इसके अलावा, जोखिम वाली ड्यूटी करने वाले सभी कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देना, चालकों का पे ग्रेड बढ़ाना और स्टैंड इंचार्ज का नया पद सृजित कर उन्हें पदोन्नति देना भी प्रमुख मांग है। इसके साथ ही, साल 2016 में भर्ती किए गए चालकों को पक्का करने, साल 2018 में भर्ती किए गए कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति देने की मांग रखी गई। इतना ही नहीं, परिचालकों सहित अन्य सभी कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को भी प्रमुखता के साथ उठाया गया है। उन्होंने यह भी मांग की कि जो इलेक्ट्रिक बसें घाटे का सौदा साबित हो रही हैं, उनकी ठेका व्यवस्था को तुरंत समाप्त किया जाए। कर्मचारियों को पहले की तरह अर्जित अवकाश का लाभ दिया जाए और कार्यालय सहायकों के पदों में बढ़ोतरी करके लिपिकों की पदोन्नति की जाए।