जींद में सफाई कर्मियों का विरोध प्रदर्शन, नगर परिषद के गेट पर जड़ा ताला और फूंका पुतला

जींद में सफाई कर्मियों का विरोध प्रदर्शन, नगर परिषद के गेट पर जड़ा ताला और फूंका पुतला

जींद, 18 अगस्त: जींद में नगर परिषद के सफाई कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया है। नगर परिषद सफाई कर्मियों ने मंगलवार को नगर परिषद के गेट पर ताला जड़ दिया। सफाई कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने रानी तालाब तक एक प्रदर्शन निकाला। प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मियों ने सरकार का पुतला फूंक कर अपना रोष जताया। इस हड़ताल के कारण पूरे शहर में हजारों टन कचरा जमा हो गया है। हालांकि सफाई कर्मियों ने अपनी हड़ताल को तीन दिन यानी 18 अगस्त तक बढ़ाया हुआ है। नप अधिकारियों द्वारा सफाई कर्मियों को उनकी मांगें सरकार तक पहुंचाने का लगातार आश्वासन दिया जा रहा है। इसके बावजूद सफाई कर्मचारी अपनी मांग पर पूरी तरह अड़े हैं। सफाई कर्मियों का साफ कहना है कि उनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

मांगें पूरी न होने पर मुख्य गेट पर जड़ा ताला

मांगें पूरी न होने के कारण हड़ताली सफाई कर्मियों ने नगर परिषद के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और वहां धरना शुरू कर दिया। सफाई कर्मियों को संबोधित करते हुए विजेंद्र कांगड़ा और सोहन लाल ने बड़ी बात कही। उन्होंने बताया कि 13 मई को सरकार और यूनियन के बीच एक समझौता हुआ था। उस समझौते में सफाई कर्मचारियों को पक्का करने और पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने सहित कई मांगें स्वीकार की गई थीं। इसके बावजूद आजतक सरकार ने उन मांगों को लागू नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सबसे हैरानी की बात यह है कि सरकार उन वादों को भी पूरा नहीं कर रही है जिन्हें वह खुद लिखित समझौते में मान चुकी है।

हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक आदेश जारी नहीं होते

कर्मचारी नेता संजीव ढांडा ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक सरकार मांगों को लागू करने के आधिकारिक आदेश जारी नहीं करती तब तक यह हड़ताल लगातार जारी रहेगी। उनका कहना था कि बरसात के मौसम में यदि सफाई व्यवस्था ठप होने से गंदगी फैलती है। यदि इस कारण कोई महामारी या अन्य बीमारियों का खतरा पैदा होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ सरकार की होगी। सरकार जानबूझकर कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। उनकी मुख्य मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना शामिल है। इसके अलावा डोर टू डोर कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये करना और ठेके के सफाई कर्मियों को विभागीय रोल पर लेना भी उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है।

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment